अध्याय 5
श्लोक 1
ॐ मित्राय नमः
oṃ mitrāya namaḥ
हिन्दी अर्थ
सभी के मित्र सूर्य को नमन।
English
Salutations to the Sun, the friend of all.
अध्याय 5
ॐ मित्राय नमः
oṃ mitrāya namaḥ
हिन्दी अर्थ
सभी के मित्र सूर्य को नमन।
English
Salutations to the Sun, the friend of all.
अध्याय 5
ॐ रवये नमः
oṃ ravaye namaḥ
हिन्दी अर्थ
प्रशंसनीय तेजस्वी सूर्य को नमन।
English
Salutations to the shining one, the praise-worthy.
अध्याय 5
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्
yadā yadā hi dharmasya glānirbhavati bhārata | abhyutthānamadharmasya tadātmānaṃ sṛjāmyaham
हिन्दी अर्थ
जब भी धर्म की हानि होती है और अधर्म की वृद्धि होती है, तब मैं अपना रूप धारण करता हूँ।
English
Whenever there is a decline of dharma and rise of adharma, O Arjuna, then I manifest myself.
पाठ सेटिंग्स · Reading settings
भाषा एवं सामग्री · Language and layers
स्रोत: data/scriptures/nityakarmakriya.ts · प्राप्त 3/6/2026
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धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।
अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)
मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।
पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)
व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।
आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)
प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।
भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)
आधुनिक जिज्ञासुओं के लिए सरल भाषा में भावार्थ। यह मूल मंत्र नहीं, बल्कि पाठ को सुगम बनाने हेतु संपादकीय व्याख्या है।
समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)
दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)
पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।