अध्याय 191
श्लोक 1
एक सनेही साचिलो केवल कोसलपालु ।प्रेम-कनोड़ो रामसो नहिं दूसरो दयालु
eka sanehī sācilo kevala kosalapālu | prema-kanoḍa़o rāmaso nahiṃ dūsaro dayālu
अध्याय 191
एक सनेही साचिलो केवल कोसलपालु ।प्रेम-कनोड़ो रामसो नहिं दूसरो दयालु
eka sanehī sācilo kevala kosalapālu | prema-kanoḍa़o rāmaso nahiṃ dūsaro dayālu
अध्याय 191
तन-साथी सब स्वारथी, सुर ब्यवहार-सुजान ।आरत-अधम-अनाथ हित को रघुबीर समान
tana-sāthī saba svārathī, sura byavahāra-sujāna | ārata-adhama-anātha hita ko raghubīra samāna
अध्याय 191
नाद निठुर, समचर सिखी, सलिल सनेह न सूर ।ससि सरोग, दिनकरु बड़े, पयद प्रेम-पथ कूर
nāda niṭhura, samacara sikhī, salila saneha na sūra | sasi saroga, dinakaru baḍa़e, payada prema-patha kūra
अध्याय 191
जाको मन जासों बँध्यो, ताको सुखदायक सोइ ।सरल सील साहिब सदा सीतापति सरिस न कोइ
jāko mana jāsoṃ ba~dhyo, tāko sukhadāyaka soi | sarala sīla sāhiba sadā sītāpati sarisa na koi
अध्याय 191
सुनि सेवा सही को करै, परिहरै को दूषन देखि ।केहि दिवान दिन दीन को आदर-अनुराग बिसेखि
suni sevā sahī ko karai, pariharai ko dūṣana dekhi | kehi divāna dina dīna ko ādara-anurāga bisekhi
अध्याय 191
खग-सबरी पितु-मातु ज्यों माने, कपि को किये मीत ।केवट भेंट्यो भरत ज्यों, ऐसो को कहु पतित-पुनीत
khaga-sabarī pitu-mātu jyoṃ māne, kapi ko kiye mīta | kevaṭa bheṃṭyo bharata jyoṃ, aiso ko kahu patita-punīta
अध्याय 191
देइ अभागहिं भागु को, को राखै सरन सभीत ।बेद-बिदित बिरुदावली, कबि-कोबिद गावत गीत
dei abhāgahiṃ bhāgu ko, ko rākhai sarana sabhīta | beda-bidita birudāvalī, kabi-kobida gāvata gīta
अध्याय 191
कैसेउ पाँवर पातकी, जेहि लई नामकी ओट ।गाँठी बाँध्यो दाम तो, परख्यो न फेरि खर-खोट
kaiseu pā~vara pātakī, jehi laī nāmakī oṭa | gā~ṭhī bā~dhyo dāma to, parakhyo na pheri khara-khoṭa
अध्याय 191
मन मलीन, कलि किलबिषी होत सुनत जासु कृत-काज ।सो तुलसी कियो आपुनो रघुबीर गरीब-निवाज
mana malīna, kali kilabiṣī hota sunata jāsu kṛta-kāja | so tulasī kiyo āpuno raghubīra garība-nivāja
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भाषा एवं सामग्री · Language and layers
स्रोत: local proofread transcription: Tulsidas's Vinaya Patrika (279 padas), read from page images of a printed edition and proofread. One chapter per pada, stanza numbers as printed. The editor's Hindi bhavartha is not reproduced. · प्राप्त 19/10/2026
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Collated against Kashi Nagari Pracharini Sabha critical edition.