वैराग्यvairāgya · Detachment
यह पृष्ठ पहले से दर्ज लेख, श्लोक और विषय-पृष्ठों को जोड़ता है। नया भाष्य नहीं लिखा गया।
परिचयOverview
राग और द्वेष से मुक्ति—नश्वर सांसारिक आकर्षणों के प्रति विरक्ति तथा आंतरिक स्वतंत्रता और अनासक्ति की शांत अवस्था।
Spiritual dispassion and inner freedom—the peaceful cessation of craving and aversion toward transient worldly attachments.
संबंधित श्लोकRelated verses
असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम् । अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते ॥
Bhagavad Gita 6.35ब्रह्मण्याधाय कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा करोति यः। लिप्यते न स पापेन पद्मपत्रमिवाम्भसा।।
Bhagavad Gita 5.10तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर। असक्तो ह्याचरन्कर्म परमाप्नोति पूरुषः।।
Bhagavad Gita 3.19