अध्याय 189
श्लोक 1
राम कहत चलु, राम कहत चलु, राम कहत चलु भाई रे ।नाहिं तौ भव-बेगारि महँ परिहै, छूटत अति कठिनाई रे
rāma kahata calu, rāma kahata calu, rāma kahata calu bhāī re | nāhiṃ tau bhava-begāri maha~ parihai, chūṭata ati kaṭhināī re
अध्याय 189
राम कहत चलु, राम कहत चलु, राम कहत चलु भाई रे ।नाहिं तौ भव-बेगारि महँ परिहै, छूटत अति कठिनाई रे
rāma kahata calu, rāma kahata calu, rāma kahata calu bhāī re | nāhiṃ tau bhava-begāri maha~ parihai, chūṭata ati kaṭhināī re
अध्याय 189
बाँस पुरान साज सब अठकठ, सरल तिकोन खटोला रे ।हमहिं दिहल करि कुटिल करमचँद मंद मोल बिनु डोला रे
bā~sa purāna sāja saba aṭhakaṭha, sarala tikona khaṭolā re | hamahiṃ dihala kari kuṭila karamaca~da maṃda mola binu ḍolā re
अध्याय 189
बिषम कहार मार-मद-माते चलहिं न पाउँ बटोरा रे ।मंद बिलंद अभेरा दलकन पाइय दुख झकझोरा रे
biṣama kahāra māra-mada-māte calahiṃ na pāu~ baṭorā re | maṃda bilaṃda abherā dalakana pāiya dukha jhakajhorā re
अध्याय 189
काँट कुराय लपेटन लोटन ठावहिं ठाउँ बझाऊ रे ।जस जस चलिय दूरि तस तस निज बास न भेंट लगाऊ रे
kā~ṭa kurāya lapeṭana loṭana ṭhāvahiṃ ṭhāu~ bajhāū re | jasa jasa caliya dūri tasa tasa nija bāsa na bheṃṭa lagāū re
अध्याय 189
मारग अगम, संग नहिं संबल, नाउँ गाउँकर भूला रे ।तुलसिदास भव-त्रास हरहु अब, होहु राम अनुकूला रे
māraga agama, saṃga nahiṃ saṃbala, nāu~ gāu~kara bhūlā re | tulasidāsa bhava-trāsa harahu aba, hohu rāma anukūlā re
पाठ सेटिंग्स · Reading settings
भाषा एवं सामग्री · Language and layers
स्रोत: local proofread transcription: Tulsidas's Vinaya Patrika (279 padas), read from page images of a printed edition and proofread. One chapter per pada, stanza numbers as printed. The editor's Hindi bhavartha is not reproduced. · प्राप्त 19/10/2026
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अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)
मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।
पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)
व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।
आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)
प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।
भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)
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समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)
दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)
पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।
Collated against Kashi Nagari Pracharini Sabha critical edition.