Harivamsha Purana
14
अध्याय 14 / 318

Parva 1, Adhyāya 14

29 श्लोक

पूर्ण अध्याय पाठ29 श्लोक

अध्याय 14

श्लोक 1

सगरकी उत्पत्ति और चरित्र तथा सगरपुत्रों के उद्योग से समुद्र का lद्क़्‍सागरrद्क़्‍ होना कथं स सगरो जातो गरेणैव सहाच्युतः ।किमर्थं च शकादीनां क्षत्रियाणां महौजसाम्

sagarakī utpatti aura caritra tathā sagaraputroṃ ke udyoga se samudra kā ldq‍sāgarardq‍ honā kathaṃ sa sagaro jāto gareṇaiva sahācyutaḥ | kimarthaṃ ca śakādīnāṃ kṣatriyāṇāṃ mahaujasām

श्लोक 1–2 का हिन्दी अर्थ

ध्याय; >िाा पुत्रों के उद्योगसे समुद्रका ' सागर' होना जनमेजयने कहा—तपोधन ! वे राजा सगर विषके साथ क्यों उत्पन्न हुए थे ? विषके साथ रहते हुए भी मरे क्यों नहीं ? और मर्यादासे च्युत न होनेवाले उन नरेशने क्रोधमें भरकर महाबली शक आदि क्षत्रियोंके कुलोचित धर्मको क्यों नष्ट कर दिया था? इसका आप मुझसे विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिये

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 2

धर्मं कुलोचितं क्रुद्धो राजा निरसदच्युतः ।एतन्मे सर्वमाचक्ष्व विस्तरेण तपोधन

dharmaṃ kulocitaṃ kruddho rājā nirasadacyutaḥ | etanme sarvamācakṣva vistareṇa tapodhana

अर्थ श्लोक 1 के साथ

अध्याय 14

श्लोक 3

बाहोर्व्यसनिनस्तात हृतं राज्यमभूत् किल ।हैहयैस्तालजङ्घैश्च शकैः सार्द्धं विशाम्पते

bāhorvyasaninastāta hṛtaṃ rājyamabhūt kila | haihayaistālajaṅghaiśca śakaiḥ sārddhaṃ viśāmpate

हिन्दी अर्थ

वैशम्पायनजी बोले—राजन्‌ ! राजा बाहु शिकार और जुए आदि व्यसनोंमें ही पड़ा रहता था। तात! (इस अवसरसे लाभ उठाकर) बाहुके राज्यको हैहय, तालजडद्ध तथा शकोंने छीन लिया

अध्याय 14

श्लोक 4

यवनाः पारदाश्चैव काम्बोजाः पह्लवाः खसाः ।एते ह्यपि गणाः पञ्च हैहयार्थे पराक्रमन्

yavanāḥ pāradāścaiva kāmbojāḥ pahlavāḥ khasāḥ | ete hyapi gaṇāḥ pañca haihayārthe parākraman

हिन्दी अर्थ

यवन, पारद, काम्बोज, पहव और खस—इन पाँच गणोंने भी हैहय राजाओंके लिये पराक्रम किया था

अध्याय 14

श्लोक 5

हृतराज्यस्तदा राजा स वै बाहुर्वनं ययौ ।पत्न्या चानुगतो दुःखी वने प्राणानवासृजत्

hṛtarājyastadā rājā sa vai bāhurvanaṃ yayau | patnyā cānugato duḥkhī vane prāṇānavāsṛjat

हिन्दी अर्थ

राज्यके छिन जानेपर राजा बाहु वनको चला गया और उसकी पत्नी भी उसके पीछे-पीछे गयी। इसके बाद उस राजाने दुःखी होकर वनमें ही अपने प्राणोंको त्याग दिया

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 6

पत्नी तु यादवी तस्य सगर्भा पृष्ठतोऽन्वगात् ।सपत्न्या च गरस्तस्यै दत्तः पूर्वमभूत् किल

patnī tu yādavī tasya sagarbhā pṛṣṭhato'nvagāt | sapatnyā ca garastasyai dattaḥ pūrvamabhūt kila

हिन्दी अर्थ

उसकी पत्नी यदुवंशकी कन्या थी। वह गर्भवती थी, तब भी बाहुके पीछे-पीछे वनमें गयी थी। उसकी सौतने उसे पहले ही विष दे दिया था

अध्याय 14

श्लोक 7

सा तु भर्तुश्चितां कृत्वा वने तामध्यरोहत ।और्वस्तां भार्गवस्तात कारुण्यात् समवारयत्

sā tu bhartuścitāṃ kṛtvā vane tāmadhyarohata | aurvastāṃ bhārgavastāta kāruṇyāt samavārayat

हिन्दी अर्थ

तात! जब वह स्वामीकी चिता बनाकर उसपर चढ़ने लगी, उसी समय वनमें विराजमान भूगुवंशी और्व ऋषिने दयाके कारण उसे रोका

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 8

तस्याश्रमे च तं गर्भं गरेणैव सहाच्युतम् ।व्यजायत महाबाहुं सगरं नाम पार्थिवम्

tasyāśrame ca taṃ garbhaṃ gareṇaiva sahācyutam | vyajāyata mahābāhuṃ sagaraṃ nāma pārthivam

हिन्दी अर्थ

तब उसने उनके आश्रममें ही विष (गर)-सहित गर्भको, जो आगे चलकर सगर नामक महाबाहु राजाके रूपमें प्रसिद्ध हुआ, उत्पन्न किया। राजा सगर कभी धर्मसे च्युत नहीं हुए थे

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 9

और्वस्तु जातकर्मादि तस्य कृत्वा महात्मनः ।अध्याप्य वेदशास्त्राणि ततोऽस्त्रं प्रत्यपादयत्

aurvastu jātakarmādi tasya kṛtvā mahātmanaḥ | adhyāpya vedaśāstrāṇi tato'straṃ pratyapādayat

हिन्दी अर्थ

और्वने महामना सगरके जातकर्म आदि संस्कार कराकर उन्हें वेद और शास्त्र पढ़ाये, फिर अस्त्रविद्या सिखायी

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 10

आग्नेयं तु महाघोरममरैरपि दुःसहम् ।स तेनास्त्रबलेनाजौ बलेन च समन्वितः

āgneyaṃ tu mahāghoramamarairapi duḥsaham | sa tenāstrabalenājau balena ca samanvitaḥ

श्लोक 10–11 का हिन्दी अर्थ

उन्होंने सगरको देवताओंके लिये भी असह्म महाघोर आग्रेय अस्त्र दिया था। जब वे अस्त्रबल और शारीरिक बलसे सम्पन्न हो गये, तब क्रोधमें भरकर रुद्र जैसे शीघ्रतासे पशुओंका संहार करते हैं, उसी प्रकार उन्होंने हैहयोंका संहार कर डाला। इस प्रकार कीर्तिमानोंमें श्रेष्ठ उन वीर पुरुषने संसारमें (अद्भुत ) कीर्ति पायी थी

अध्याय 14

श्लोक 11

हैहयान्निजघानाशु क्रुद्धो रुद्रः पशूनिव ।आजहार च लोकेषु कीर्तिं कीर्तिमतां वरः

haihayānnijaghānāśu kruddho rudraḥ paśūniva | ājahāra ca lokeṣu kīrtiṃ kīrtimatāṃ varaḥ

अर्थ श्लोक 10 के साथ

अध्याय 14

श्लोक 12

ततः शकान्सयवनान्काम्बोजान्पारदांस्तथा ।पह्लवांश्चैव निःशेषान् कर्तुं व्यवसितस्तदा

tataḥ śakānsayavanānkāmbojānpāradāṃstathā | pahlavāṃścaiva niḥśeṣān kartuṃ vyavasitastadā

हिन्दी अर्थ

इसके अनन्तर उन्होंने शक, यवन, काम्बोज, पारद और पहवोंको भी नि:शेष (सर्वथा नष्ट) करनेका निश्चय किया

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 13

ते वध्यमाना वीरेण सगरेण महात्मना ।वसिष्ठं शरणं गत्वा प्रणिपेतुर्मनीषिणम्

te vadhyamānā vīreṇa sagareṇa mahātmanā | vasiṣṭhaṃ śaraṇaṃ gatvā praṇipeturmanīṣiṇam

हिन्दी अर्थ

जब वीर और महात्मा सगर उनका सर्वनाश करने लगे, तब वे (शक, यवनादि) बुद्धिमान्‌ वसिष्ठजीकी शरणमें गये और उनके पैरोंमें गिर पड़े

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 14

वसिष्ठस्त्वथ तान् दृष्ट्वा समयेन महाद्युतिः ।सगरं वारयामास तेषां दत्त्वाभयं तदा

vasiṣṭhastvatha tān dṛṣṭvā samayena mahādyutiḥ | sagaraṃ vārayāmāsa teṣāṃ dattvābhayaṃ tadā

हिन्दी अर्थ

परम यशस्वी वसिष्टजीने कुछ विशेष शर्तॉंपर उनको अभयदान दिया और सगरको (उन्हें मारनेसे) रोका

अध्याय 14

श्लोक 15

सगरः स्वां प्रतिज्ञां च गुरोर्वाक्यं निशम्य च ।धर्मं जघान तेषां वै वेषान्यत्वं चकार ह

sagaraḥ svāṃ pratijñāṃ ca gurorvākyaṃ niśamya ca | dharmaṃ jaghāna teṣāṃ vai veṣānyatvaṃ cakāra ha

हिन्दी अर्थ

सगरने अपनी प्रतिज्ञा और गुरुके वाक्यकी ओर ध्यान देकर (उनके प्राण नहीं लिये) उनके धर्मको नष्ट कर दिया; और उनका वेष बदल दिया

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 17

अर्द्धं शकानां शिरसो मुण्डं कृत्वा व्यसर्जयत् ।यवनानां शिरः सर्वं काम्बोजानां तथैव च ॥ १६ ( पारदा मुक्तकेशाश्च पह्लवाः श्मश्रुधारिणः ।निःस्वाध्यायवषट्काराः कृतास्तेन महात्मना

arddhaṃ śakānāṃ śiraso muṇḍaṃ kṛtvā vyasarjayat | yavanānāṃ śiraḥ sarvaṃ kāmbojānāṃ tathaiva ca || 16 ( pāradā muktakeśāśca pahlavāḥ śmaśrudhāriṇaḥ | niḥsvādhyāyavaṣaṭkārāḥ kṛtāstena mahātmanā

हिन्दी अर्थ

उन महात्मा नरेशने पारदोंके सिरको मुक्तकेश (खुले हुए केशोंवाला) कर दिया और पहवोंको श्मश्रुधारी (केवल दाढ़ीवाला) बना दिया और सबको स्वाध्याय तथा वषट्कारसे रहित कर दिया

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 18

शका यवनकाम्बोजाः पारदाश्च विशाम्पते ।कोलिसर्पाः समहिषा दार्द्याश्चोलाः सकेरलाः

śakā yavanakāmbojāḥ pāradāśca viśāmpate | kolisarpāḥ samahiṣā dārdyāścolāḥ sakeralāḥ

श्लोक 18–19 का हिन्दी अर्थ

तात! जनेश्वर ! शक, यवन, काम्बोज, पारद, कोलिसर्प, महिष, दर्द, चोल और केरल—ये सब क्षत्रिय ही थे। वसिष्ठजीके वचनसे महात्मा सगरने (इन सबका संहार न करके केवल) इनके धर्मको ही नष्ट कर दिया था

अध्याय 14

श्लोक 19

सर्वे ते क्षत्रियास्तात धर्मस्तेषां निराकृतः ।वसिष्ठवचनाद् राजन् सगरेण महात्मना

sarve te kṣatriyāstāta dharmasteṣāṃ nirākṛtaḥ | vasiṣṭhavacanād rājan sagareṇa mahātmanā

अर्थ श्लोक 18 के साथ

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 20

खसांस्तुषारांश्चोलांश्च मद्रान्किष्किन्धकांस्तथा ।कौन्तलांश्च तथा वङ्गान्साल्वान् कौङ्कणकांस्तथा

khasāṃstuṣārāṃścolāṃśca madrānkiṣkindhakāṃstathā | kauntalāṃśca tathā vaṅgānsālvān kauṅkaṇakāṃstathā

श्लोक 20–21 का हिन्दी अर्थ

उन धर्मविजयी राजाने अश्वमेधकी दीक्षा लेकर खस, तुषार, चोल, मद्र, किष्किन्धक, कौन्तल, वड्, साल्व तथा कौड्ठण देशके राजाओंको जीता। इस प्रकार पृथ्वीका विजय करते हुए उन्होंने अश्रमेधयज्ञके लिये अपना घोड़ा छोड़ा

अध्याय 14

श्लोक 21

स धर्मविजयी राजा विजित्येमां वसुन्धराम् ।अश्वं वै प्रेरयामास वाजिमेधाय दीक्षितः

sa dharmavijayī rājā vijityemāṃ vasundharām | aśvaṃ vai prerayāmāsa vājimedhāya dīkṣitaḥ

अर्थ श्लोक 20 के साथ

अध्याय 14

श्लोक 22

तस्य चारयतः सोऽश्वः समुद्रे पूर्वदक्षिणे ।वेलासमीपेऽपहृतो भूमिं चैव प्रवेशितः

tasya cārayataḥ so'śvaḥ samudre pūrvadakṣiṇe | velāsamīpe'pahṛto bhūmiṃ caiva praveśitaḥ

हिन्दी अर्थ

जब उनका घोड़ा घुमाया जा रहा था, उस समय पूर्व-दक्षिणमें समुद्रके किनारे किसीने उस घोड़ेको चुरा लिया और उसे भूमिमें छिपा दिया

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 23

स तं देशं तदा पुत्रैः खानयामास पार्थिवः ।आसेदुस्ते ततस्तत्र खन्यमाने महार्णवे

sa taṃ deśaṃ tadā putraiḥ khānayāmāsa pārthivaḥ | āseduste tatastatra khanyamāne mahārṇave

श्लोक 23–24 का हिन्दी अर्थ

उस समय राजा (सगर) -ने अपने पुत्रोंसे उस स्थानको खुदवाया। समुद्रके खोदनेपर उनके पुत्रोंने आदिपुरुष, हरि (अविद्याको हरनेवाले), कृष्ण (सच्चिदानन्दस्वरूप) . प्रजापति पुरुषोत्तम, कपिलरूपी विष्णुको वहाँ सोते हुए समाधिमें स्थित देखा

अध्याय 14

श्लोक 24

तमादिपुरुषं देवं हरिं कृष्णं प्रजापतिम् ।विष्णुं कपिलरूपेण स्वपन्तं पुरुषोत्तमम्

tamādipuruṣaṃ devaṃ hariṃ kṛṣṇaṃ prajāpatim | viṣṇuṃ kapilarūpeṇa svapantaṃ puruṣottamam

अर्थ श्लोक 23 के साथ

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

अध्याय 14

श्लोक 25

तस्य चक्षुःसमुत्थेन तेजसा प्रतिबुध्यतः ।दग्धास्ते वै महाराज चत्वारस्त्ववशेषिताः

tasya cakṣuḥsamutthena tejasā pratibudhyataḥ | dagdhāste vai mahārāja catvārastvavaśeṣitāḥ

श्लोक 25–26 का हिन्दी अर्थ

उनके योगनिद्राको त्यागनेपर उनके नेत्रमेंसे निकलते हुए तेजसे वे सब (राजकुमार) भस्म हो गये। महाराज ! केवल बरहकेतु, सुकेतु, राजा धर्मरथ और वंशको चलानेवाला शूर पश्नजन—ये चार राजकुमार ही जीवित बच सके थे

अध्याय 14

श्लोक 26

बर्हकेतुः सुकेतुश्च तथा धर्मरथो नृपः ।शूरः पञ्चजनश्चैव तस्य वंशकरो नृपः

barhaketuḥ suketuśca tathā dharmaratho nṛpaḥ | śūraḥ pañcajanaścaiva tasya vaṃśakaro nṛpaḥ

अर्थ श्लोक 25 के साथ

अध्याय 14

श्लोक 27

प्रादाच्च तस्मै भगवान् हरिर्नारायणो वरान् ।अक्षयं वंशमिक्ष्वाकोः कीर्तिं चाप्यनिवर्तनीम्

prādācca tasmai bhagavān harirnārāyaṇo varān | akṣayaṃ vaṃśamikṣvākoḥ kīrtiṃ cāpyanivartanīm

श्लोक 27–28 का हिन्दी अर्थ

उन्हें (कपिलरूपी) विभु हरिनारायण भगवान्‌ने यह वरदान दिया था कि इक्ष्याकुका वंश अक्षय रहेगा और राजा सगरकी कीर्ति कभी नष्ट नहीं होगी। समुद्र उनका पुत्र कहा जायगा (अर्थात्‌ भविष्यमें यह सागर नामसे प्रसिद्ध होगा) और उन्हें अक्षय स्वर्गवास मिलेगा। कपिलजीने अपने नेत्रके तेजसे भस्म हुए सगर-पुत्रोंको भी अक्षयलोकोंकी प्राप्ति होनेका वर दिया

अध्याय 14

श्लोक 28

पुत्रं समुद्रं च विभुः स्वर्गवासं तथाक्षयम् ।पुत्राणां चाक्षयाँल्लोकांस्तस्य ये चक्षुषा हताः

putraṃ samudraṃ ca vibhuḥ svargavāsaṃ tathākṣayam | putrāṇāṃ cākṣayā~llokāṃstasya ye cakṣuṣā hatāḥ

अर्थ श्लोक 27 के साथ

अध्याय 14

श्लोक 29

समुद्रश्चार्घ्यमादाय ववन्दे तं महीपतिम् ।सागरत्वं च लेभे स कर्मणा तेन तस्य वै

samudraścārghyamādāya vavande taṃ mahīpatim | sāgaratvaṃ ca lebhe sa karmaṇā tena tasya vai

हिन्दी अर्थ

(उस समय) समुद्रने अर्ध्य लेकर उन राजा (सगर)- को प्रणाम किया और सगरके इस कर्मके कारण पमुद्रका सागर नाम पड़ गया

अध्याय 14

श्लोक 30

तं चाश्वमेधिकं सोऽश्वं समुद्रादुपलब्धवान् ।आजहाराश्वमेधानां शतं स सुमहायशाः ।पुत्राणां च सहस्राणि षष्टिस्तस्येति नः श्रुतम्

taṃ cāśvamedhikaṃ so'śvaṃ samudrādupalabdhavān | ājahārāśvamedhānāṃ śataṃ sa sumahāyaśāḥ | putrāṇāṃ ca sahasrāṇi ṣaṣṭistasyeti naḥ śrutam

हिन्दी अर्थ

उन्होंने अश्रमेधयज्ञके घोड़ेको भी समुद्रसे प्रात्त किया। इस तरह उन महायशस्वी एजाने सौ अशमेधयज्ञ किये थे—ऐसा सुना जाता है। इन महाराजके पुत्रोंकी संख्या साठ हजार थी

English

⁴⁴ The word in the text is _Murdhābhisikta_. Literally it means _on whose head water is sprinkled_. The Kshatriyas go through this ceremony at the time of installation.

स्रोत: local proofread transcription: Sanskrit shlokas of the Harivamsa (Harivamsha, Vishnu and Bhavishya parvas) from sanskritdocuments.org. One chapter per adhyaya; verse numbers as printed in the source (restarting in each adhyaya). Appendix sections are not included. · प्राप्त 19/10/2026

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शास्त्रीय प्रामाणिकता एवं पारदर्शकताSources & Interpretation

स्रोत, संस्करण एवं व्याख्या वर्गीकरण

धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।

सामग्री वर्गीकरण संकेत (Epistemic Content Labels)

6 स्तरिय प्रमाण व्यवस्था
मूल पाठOriginal text

अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)

मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।

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Collated with BORI Critical Edition of Mahabharata Khilaparvan.