अध्याय 153
श्लोक 63
जगाम पश्चाच्चरणैर् धरणीं भूधराकृतिः लाघवात्क्षिप्रमुत्थाय ततो ऽमरमहागजः
jagāma paścāccaraṇair dharaṇīṃ bhūdharākṛtiḥ lāghavātkṣipramutthāya tato 'maramahāgajaḥ
हिन्दी अर्थ
कुद्दालरज्जुवेत्राणां पीठकानां तथैव च। तुषाणां चैव दात्राणामङ्काराणां च संचयः तथा उसी: स्थलपर “एवं उसी दिशामें मन्त्रियों: और वैद्यका निवासस्थान एवं कोष्ठागार बनानेका: विधान है। : उसी स्थानके समीप गौओं तथा अश्वोके निवासकी
English
Here ends the one hundred and fifty-third chapter on the • victory of Tarakasura.