अध्याय 14
श्लोक 1
देखो देखो, बन बन्यो आजु उमाकंत ।मानों देखन तुम्हहिं आई रितु बसंत
dekho dekho, bana banyo āju umākaṃta | mānoṃ dekhana tumhahiṃ āī ritu basaṃta
अध्याय 14
देखो देखो, बन बन्यो आजु उमाकंत ।मानों देखन तुम्हहिं आई रितु बसंत
dekho dekho, bana banyo āju umākaṃta | mānoṃ dekhana tumhahiṃ āī ritu basaṃta
अध्याय 14
जनु तनुदुति चंपक-कुसुम-माल ।बर बसन नील नूतन तमाल
janu tanuduti caṃpaka-kusuma-māla | bara basana nīla nūtana tamāla
अध्याय 14
कल कदलि जंघ, पद कमल लाल ।सूचत कटि केहरि, गति मराल
kala kadali jaṃgha, pada kamala lāla | sūcata kaṭi kehari, gati marāla
अध्याय 14
भूषन प्रसून बहु बिबिध रंग ।नूपुर किंकिनि कलरव बिहंग
bhūṣana prasūna bahu bibidha raṃga | nūpura kiṃkini kalarava bihaṃga
अध्याय 14
कर नवल बकुल-पल्लव रसाल ।श्रीफल कुच, कंचुकिलता-जाल
kara navala bakula-pallava rasāla | śrīphala kuca, kaṃcukilatā-jāla
अध्याय 14
आनन सरोज, कच मधुप गुंज ।लोचन बिसाल नव नील कंज
ānana saroja, kaca madhupa guṃja | locana bisāla nava nīla kaṃja
अध्याय 14
पिक बचन चरित बर बर्हि कीर ।सित सुमन हास, लीला समीर
pika bacana carita bara barhi kīra | sita sumana hāsa, līlā samīra
अध्याय 14
कह तुलसिदास सुनु सिव सुजान ।उर बसि प्रपंच रचे पंचबान
kaha tulasidāsa sunu siva sujāna | ura basi prapaṃca race paṃcabāna
अध्याय 14
करि कृपा हरिय भ्रम-फंद काम ।जेहि हृदय बसहिं सुखरासि राम
kari kṛpā hariya bhrama-phaṃda kāma | jehi hṛdaya basahiṃ sukharāsi rāma
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भाषा एवं सामग्री · Language and layers
स्रोत: local proofread transcription: Tulsidas's Vinaya Patrika (279 padas), read from page images of a printed edition and proofread. One chapter per pada, stanza numbers as printed. The editor's Hindi bhavartha is not reproduced. · प्राप्त 19/10/2026
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अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)
मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।
पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)
व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।
आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)
प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।
भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)
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समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)
दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)
पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।
Collated against Kashi Nagari Pracharini Sabha critical edition.