Atharva Veda
9
अध्याय 9 / 20

Kanda 9

काण्ड 9

313 श्लोकभाग 1/5 · श्लोक 1.1–3.31

पूर्ण अध्याय पाठ80 श्लोक

अध्याय 9

श्लोक 1.1

मधुविद्या।१-२४ अथर्वा।मधु, अश्विनौ।त्रिष्टुप्, २ त्रिष्टुब्गर्भा पङ्क्तिः, ३ परानुष्टुप्, ६ यवमध्या अतिशक्वरीगर्भा महाबृहती, ७ यवमध्या अतिजागतर्भा महाबृहती, ८ बृहतीगर्भा संस्तारपङ्क्तिः, ९ पराबृहती प्रस्तारपङ्क्तिः, १० परोष्णिक्पङ्क्तिः, ११-१३, १५-१६, १८-१९ अनुष्टुप्, १४ पुर उष्णिक्, १७ उपरिष्टाद्विराड् बृहती, २० भुरिग्विष्टारपङ्क्तिः, २१ एकावसाना द्विपदार्च्यनुष्टुप्, २२ त्रिपदा ब्राह्मी पुर उष्णिक्, २३ द्विपदा आर्ची पङ्क्तिः, २४ त्र्यवसाना षट् पदाष्टिः।दि॒वस्पृ॑थि॒व्या अ॒न्तरि॑क्षात् समु॒द्राद॒ग्नेर्वाता॑न्मधुक॒शा हि ज॒ज्ञे।तां चा॑यि॒त्वामृतं॒ वसा॑नां हृ॒द्भिः प्र॒जाः प्रति॑ नन्दन्ति॒ सर्वाः॑

madhuvidyā| 1-24 atharvā| madhu, aśvinau| triṣṭup, 2 triṣṭubgarbhā paṅktiḥ, 3 parānuṣṭup, 6 yavamadhyā atiśakvarīgarbhā mahābṛhatī, 7 yavamadhyā atijāgatarbhā mahābṛhatī, 8 bṛhatīgarbhā saṃstārapaṅktiḥ, 9 parābṛhatī prastārapaṅktiḥ, 10 paroṣṇikpaṅktiḥ, 11-13, 15-16, 18-19 anuṣṭup, 14 pura uṣṇik, 17 upariṣṭādvirāḍ bṛhatī, 20 bhurigviṣṭārapaṅktiḥ, 21 ekāvasānā dvipadārcyanuṣṭup, 22 tripadā brāhmī pura uṣṇik, 23 dvipadā ārcī paṅktiḥ, 24 tryavasānā ṣaṭ padāṣṭiḥ| divaspṛthivyā antarikṣāt samudrādagnervātānmadhukaśā hi jajñe| tāṃ cāyitvāmṛtaṃ vasānāṃ hṛdbhiḥ prajāḥ prati nandanti sarvāḥ

हिन्दी अर्थ

कां० ९ ।सू्०३ प्रथवंवेद-भाष्य ३५ परिमिताम्) तथा सव भ्रोर से मापी गई, शाला को (विचृतामसि) हम विशेषतया प्रथित करते हैँ । (विरश्ववारायाः) सब श्रोर द्वारो वालीया सब श्रोर सेभ्रावृत हई (शालायाः) शालाके (नद्धानि) बन्धनो को (विचृतामसि) विशेषतया हम ग्रथित करते ह । उपमिताम् =शाला के निर्माण मे उपमारूप, श्रादशरूपः। प्रतिमि-

English

A glorification of the Asvins’ whip and a prayer for blessings The Asvins’ Honey-whip was born from heaven and earth, from middle air, and ocean, and

अध्याय 9

श्लोक 1.2

म॒हत् पयो॑ वि॒श्वरू॑पमस्याः समु॒द्रस्य॑ त्वो॒त रेत॑ आहुः ।यत॒ ऐति॑ मधुक॒शा ररा॑णा॒ तत् प्रा॒णस्तद॒मृतं॒ निवि॑ष्टम्

mahat payo viśvarūpamasyāḥ samudrasya tvota reta āhuḥ | yata aiti madhukaśā rarāṇā tat prāṇastadamṛtaṃ niviṣṭam

हिन्दी अर्थ

(तस्मे) उसके लिये (नमः) ्रन्न प्रदान करते है (च) ्रौर (दात्रे) देने वाले (शालापतये) शाला के स्वामी के लिये (नमः कृण्मः) हम भ्रन्न हे (ते) दे शाला ! तेरे (प्रचरते ) तथा प्रत्येक चलते-फिरतं (पुरुषाय) पुरुष के लिये (नमः ) श्रन्न प्रदान करते ह । कां० € । सू०३ ग्रथवेवेद-भाष्य ३६

English

On whom, well-fed, the Waters wait in worship, and steers and self-refulgent bulls attend her. For thee, for one like thee down pour the Waters, and cause desire and strength to rain upon

अध्याय 9

श्लोक 1.3

पश्य॑न्त्यस्याश्चरि॒तं पृ॑थि॒व्यां पृथ॒ङ् नरो॑ बहु॒धा मीमां॑समानाः ।अ॒ग्नेर्वाता॑न्मधुक॒शा हि ज॒ज्ञे म॒रुता॑मु॒ग्रा न॒प्तिः

paśyantyasyāścaritaṃ pṛthivyāṃ pṛthaṅ naro bahudhā mīmāṃsamānāḥ | agnervātānmadhukaśā hi jajñe marutāmugrā naptiḥ

हिन्दी अर्थ

(णैः) फूस द्वारा (ब्रावृता) छन्त पर ढको हुई, (पलदान् वसाना) पलदों की ग्रोढनी श्रो हई (शाला) याला, (रात्रीव) रात्री के स्थित हृई है, (पती) पैरो वाली (हस्तिनी) हथिनी (इव ) के सदुश । शाला को पैरों वाली हथिनी से उपमित किया है । इस द्वारा सम्भवतः यह सूचित किया है किशालाकेभीपेरदहं। येपेर सम्भवतः चक्रैः प्रहिये है, जिन पर शाला खड़ी को गई है,ताकि जहां चाहं शाला को चला- कर ले जाया जा सके (२४) । ग्रन्यथा “हस्तिनीव'' इतना कहना ही पर्याप्त था । 'पद्रति° द्वारा हथिनी, तथा शाला की, गति को सूचित

English

Bringing milk, Agni! have I come: splendour and strength bestow on me! Grant me, O Agni, splendid strength, and progeny, and length- ened life.

अध्याय 9

श्लोक 1.4

मा॒तादि॒त्यानां॑ दुहि॒ता वसू॑नां प्रा॒णः प्र॒जाना॑म॒मृत॑स्य॒ नाभिः॑ ।हिर॑ण्यवर्णा मधुक॒शा घृ॒ताची॑ म॒हान् गर्भ॑श्चरति॒ मर्त्ये॑षु

mātādityānāṃ duhitā vasūnāṃ prāṇaḥ prajānāmamṛtasya nābhiḥ | hiraṇyavarṇā madhukaśā ghṛtācī mahān garbhaścarati martyeṣu

हिन्दी अर्थ

(वसाना), ्रतः इन दो स्थानो मे “पलद” शब्द भिन्नाथक है । वसाना प्रथवा पलदों का वस्त्र पहने हुई १, इस द्वारा संम्भवतः यह् भो सूचित कियादहै कि शाला चार खम्भों पर खड़ी करनी चाहिए जैसे फ हथिनी चारर्टागों पर खड़ी होतीटै। तथा गति के निये शाला के खम्भों के नीचे पैर भी होने चाहिए । इस शालाके निर्माण में ईट का प्रयोग नहीं हुम्रा । प्राच्छादन से रहित करता हुभ्रा म गृहपति , (विचृतामि पूनः ग्रथित

English

May the Gods know me as I am, may Indra with the Rishis know. As honey-bees collect and add fresh honey to their honey store,

अध्याय 9

श्लोक 1.5

मधोः॒ कशा॑मजनयन्त दे॒वास्तस्या॒ गर्भो॑ अभवद् वि॒श्वरू॑पः ।तं जा॒तं तरु॑णं पिपर्ति मा॒ता स जा॒तो विश्वा॒ भुव॑ना॒ वि च॑ष्टे

madhoḥ kaśāmajanayanta devāstasyā garbho abhavad viśvarūpaḥ | taṃ jātaṃ taruṇaṃ piparti mātā sa jāto viśvā bhuvanā vi caṣṭe

हिन्दी अर्थ

प्रातःकाल उसे खोल देने का कथन हरा है । कौरिक सूत्र ६६।२४मे द्वार तथा निमित हई (शालाम्) शाला को, (ग्रमृतौ) मरने से बचाने वाले कुखाये ऽधि कराय कोश कोशः समुंञ्नितः ।

English

Even so may both the Asvins lay splendour and strength within my soul. As over honey flies besmear this honey which the bees have made,

अध्याय 9

श्लोक 1.6

कस्तं प्र वे॑द॒ क उ॒ तं चि॑केत॒ यो अ॑स्या हृ॒दः क॒लशः॑ सोम॒धानो॒ अक्षि॑तः ।ब्र॒ह्मा सु॑मे॒धाः सो अ॑स्मिन् मदेत

kastaṃ pra veda ka u taṃ ciketa yo asyā hṛdaḥ kalaśaḥ somadhāno akṣitaḥ | brahmā sumedhāḥ so asmin madeta

हिन्दी अर्थ

(कुलायेऽधि) जसे घोसले पर (कुलायाम्) घोंसला, वैसे (कोशे) कोडा पर ( कोरः ) कोश (समुन्जितः) रखा गया है । (तत्र) उस वीच के कोश २. श्रोषधिगृह जहां ्रोषधियों का संग्रह किया जाय

English

So may both Asvins lay in me splendour and strength and power and might. May all the sweetness that is found in hills and mountains, steeds and kine,

अध्याय 9

श्लोक 1.7

स तौ प्र वे॑द॒ स उ॒ तौ चि॑केत॒ याव॑स्याः॒ स्तनौ॑ स॒हस्र॑धारा॒वक्षि॑तौ ।ऊर्जं॑ दुहाते॒ अन॑पस्फुरन्तौ

sa tau pra veda sa u tau ciketa yāvasyāḥ stanau sahasradhārāvakṣitau | ūrjaṃ duhāte anapasphurantau

हिन्दी अर्थ

चार कोनों वाली तथा सब श्रौर चक्रों वाली शाला . (देखो मन्त्र १७) । चार खम्भो पर खड़ी होने के कारण शाला चतुः सक्ति है। कां० € ।सू०३ श्रथवेवेद-भाष्य ४२ कमरे के मध्यमे निमित कमरे को कोश कहा है । को भ्र्थात् खजाने की सुरक्षा में लिये कमरे से कमरा चाहिए । इस प्रकार कमरे के भीतर का

English

And wine that floweth from the cup,—may all that sweetness be in me. May both the Asvins, Lords of Light, balm me with honey of the bees,

अध्याय 9

श्लोक 1.8

हि॒ङ्करि॑क्रती बृह॒ती व॑यो॒धा उ॒च्चैर्घो॑षा॒भ्येति॒ या व्र॒तम्।त्रीन् घ॒र्मान॒भि वा॑वशा॒ना मिमा॑ति मा॒युं पय॑ते॒ पयो॑भिः

hiṅkarikratī bṛhatī vayodhā uccairghoṣābhyeti yā vratam| trīn gharmānabhi vāvaśānā mimāti māyuṃ payate payobhiḥ

हिन्दी अर्थ

वाली, (या) जो (षट्पक्ष) छः पक्षो वाली (निमीयते) निमित की जाती गरभेस्थिशु माता के गभेमेसोताहै। करि इतनी बडी शाला को तोड़े विना यह “श्रमृत्र” ( १४) तथा “प्रकामं भरामसि (२४) के श्रनुसार स्थानान्तरित कंसे किया जा सकता है ? इसका उत्तर यह है कि शाला “पद्वती” है । पदयो वाली है । जसे पियो वाली रेलगाड़ी एक स्थान से दूसरे स्थान मे जाती है वैसे पियो वाली श्ालाभी

English

That I may speak among the folk words full of splendour and of strength.

अध्याय 9

श्लोक 1.9

यामापी॑नामुप॒सीद॒न्त्यापः॑ शाक्व॒रा वृ॑ष॒भा ये स्व॒राजः॑ ।ते व॑र्षन्ति॒ ते व॑र्षयन्ति त॒द्विदे॒ काम॒मूर्ज॒मापः॑

yāmāpīnāmupasīdantyāpaḥ śākvarā vṛṣabhā ye svarājaḥ | te varṣanti te varṣayanti tadvide kāmamūrjamāpaḥ

हिन्दी अर्थ

पियं वाली शाला को इन्द्राग्नी सुरक्षित करे । इसलिये शाला मे लगे ४४ ग्रथववेद-भाष्य कां० € । सू०३ (्रहिसतीम्) हिसा न करने वाली रथात् रक्षा करने वानी,

English

The thunder is thy voice, O Lord of Creatures: a Bull, thou castest strength on earth and heaven.

अध्याय 9

श्लोक 1.10

स्त॒न॒यि॒त्नुस्ते॒ वाक् प्र॑जापते॒ वृषा॒ शुष्मं॑ क्षिपसि॒ भूम्या॒मधि॑ ।अ॒ग्नेर्वाता॑न्मधुक॒शा हि ज॒ज्ञे म॒रुतामु॒ग्रा न॒प्तिः

stanayitnuste vāk prajāpate vṛṣā śuṣmaṃ kṣipasi bhūmyāmadhi | agnervātānmadhukaśā hi jajñe marutāmugrā naptiḥ

हिन्दी अर्थ

प्रतिच्छाया रूप (1772826) दहै, परस्पर सदुदा ह। विश्ववारायाः; = होता है । राला को स्थानान्तरित करना है (२४), इसलिये इसके बन्धनो को भ्रधिक ग्रथित करने का विधान हुभ्रा है (विदववारे) है सब श्रोर द्वारो वालीया सबभ्रोर से श्रावृत हुई

English

from fire and wind. All living creatures welcome it with joyful hearts, fraught with the store of Amrit it hath

अध्याय 9

श्लोक 1.11

यथा॒ सोमः॑ प्रातःसव॒ने अ॒श्विनो॒र्भव॑ति प्रि॒यः ।ए॒वा मे॑ अश्विना॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā somaḥ prātaḥsavane aśvinorbhavati priyaḥ | evā me aśvinā varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

(पारः ग्रन्थिः कृतः) पाश प्रौर गांठ कौ गई है (तत्) उसे (वाचा) विगत मँ करता हूं, उसे सुदुढ़ करता हु, (इव ) अंसे करि (बृहस्पतिः) निज आ य॑याम् सं ब॑वहे प्रन्थीरच॑कार ते दृढान् ।

English

gathered up. They call thee earth’s great strength in every form, they call thee too the ocean’s genial seed.

अध्याय 9

श्लोक 1.12

यथा॒ सोमो॑ द्वि॒तीये॒ सव॑न इन्द्रा॒ग्न्योर्भव॑ति प्रि॒यः ।ए॒वा म॑ इन्द्राग्नी॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā somo dvitīye savana indrāgnyorbhavati priyaḥ | evā ma indrāgnī varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

(श्रा ययाम) जिसने फलाया है, (सं बबहं) आच्छादित कियादहै, श्रौर जानने वाला वैद्य (परूषि) शरीरके ्रंगों को काटता ग्रौर जोड़ देता है । ३६ श्रथववेद-भाष्य कां० ६।.स्० ३

English

Whence comes the Honey-whip bestowing bounty, there Vital Spirit is, and Amrit treasured.

अध्याय 9

श्लोक 1.13

यथा॒ सोम॑स्तृ॒तीये॒ सव॑न ऋभू॒णां भव॑ति प्रि॒यः ।ए॒वा म॑ ऋभवो॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā somastṛtīye savana ṛbhūṇāṃ bhavati priyaḥ | evā ma ṛbhavo varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

शाला ! (ते) तेरे (वंशानाम्) वांसो के, (नहनानाम्) वन्धनों के, के कमरों के (नद्धानि) बन्धनों को (वि चृतामसि) हम विशेषरूप मे प्रथित नहन, प्राणाह् =शाला को दुद् वांघने के उपकरण विशेष ह । दोनों

English

In sundry spots, repeatedly reflecting, men view upon the earth: her course and action; For she, the first-born daughter of the Maruts, derives her origin from Wind and Agni.

अध्याय 9

श्लोक 1.14

मधु॑ जनिषीय॒ मधु॑ वंसिषीय ।पय॑स्वानग्न॒ आग॑मं॒ तं मा॒ सं सृ॑ज॒ वर्च॑सा

madhu janiṣīya madhu vaṃsiṣīya | payasvānagna āgamaṃ taṃ mā saṃ sṛja varcasā

हिन्दी अर्थ

वन्धनों को (विचृतामसि) विशेषतया हम ग्रथित करते र्हू। किराये की शाला मे निवास "मान" का चिह्न नहीं । पल्या+=पत्नी का ग्रतः वैदिक पद यौगिक है । "पत्नी" पद “पा रक्षणे'कारूप है । श्रथवा “पत्नी की तरह रक्षा करने वाली । उपमावाचक पद लुष्त है। संदंशा- नाम् = सण्डाशियां या 0वाणाऽ । पलदानाम् = पल, घटिका, मूहृतं श्रादि प्रद्क यन्त्र । 0291708 (पाहू, कोनिया) ।

English

Daughter of Vasus, mother of Ādityas, centre of Amrit breath of living creatures. The Honey-whip, gold-coloured, dropping fatness, moves as a mighty embryo ‘mid mortals.

अध्याय 9

श्लोक 1.15

सं मा॑ग्ने॒ वर्च॑सा सृज॒ सं प्र॒जया॒ समायु॑षा ।वि॒द्युर्मे॑ अ॒स्य दे॒वा इन्द्रो॑ विद्यात् स॒ह ऋषि॑भिः

saṃ māgne varcasā sṛja saṃ prajayā samāyuṣā | vidyurme asya devā indro vidyāt saha ṛṣibhiḥ

हिन्दी अर्थ

जो छिवके (ग्रावेधुः) उन्होने बान्धे है (तानि) उन (ते) तेरे चक्कं को कां० । सू०३ ग्रथवेवेद-भाष्य ३५ करने वाली शाला ! (उदिता त्वम्) ऊंची निर्मित हई तू (नः तन्वे) हमारे शरीरों के लिये (शिवा भव) कल्याणकारिणी हौ । सदनम्) पत्नियों का निवास स्थान, (सदः) बेटक, (देवानाम्

English

The deities begat the Whip of Honey: her embryo assumed all forms and fashions. The mother nourishes that tender infant which at its birth looks on all worlds and beings.

अध्याय 9

श्लोक 1.16

यथा॒ मधु॑ मधु॒कृतः॑ सं॒भर॑न्ति॒ मधा॒वधि॑ ।ए॒वा मे॑ अश्विना॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā madhu madhukṛtaḥ saṃbharanti madhāvadhi | evā me aśvinā varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

पत्नीनाम् = इस पद द्वारा संयुक्त पारिवारिक जीवन को सुचित किया है, जिसमें कि भाइयों, चचा, ताया श्रादि की पत्नियां एकट्री रहती हँ । (विष्वति) विविष प्राणियों को पेदा करने वाली ह शाला ! (सह- जो वेदमें कथितहृग्रारहै, उसे (वि चृतामसि) हम विशेषतया ग्रथित

English

Who understandeth well, who hath perceived it, her heart’s un- injured Soma-holding beaker? Let the wise Brāhman priest therein be joyful.

अध्याय 9

श्लोक 1.17

यथा॒ मक्षाः॑ इ॒दं मधु॑ न्य॒ञ्जन्ति॒ मधा॒वधि॑ ।ए॒वा मे॑ अश्विना॒ वर्च॒स्तेजो॒ बल॒मोज॑श्च ध्रियताम्

yathā makṣāḥ idaṃ madhu nyañjanti madhāvadhi | evā me aśvinā varcastejo balamojaśca dhriyatām

हिन्दी अर्थ

(शाले) है शाला ! (यः त्वा प्रति गृह्टयति) जो तेराग्रहण करतारहै, पत्नि) है मान की रक्षा करने वाली ! (उभौ तौ) वे दोनों (जीवताम्) ८ ग्रथवंवेद-भाष्य कां० € । सू०३

English

He understandeth them, he hath perceived them, her breasts that pour a thousand streams, uninjured.

अध्याय 9

श्लोक 1.18

यद् गि॒रिषु॒ पर्व॑तेषु॒ गोष्वश्वे॑षु॒ यन्मधु॑ ।सुरा॑यां सि॒च्यमा॑नायां॒ यत् तत्र॒ मधु॒ तन्मयि॑

yad giriṣu parvateṣu goṣvaśveṣu yanmadhu | surāyāṃ sicyamānāyāṃ yat tatra madhu tanmayi

हिन्दी अर्थ

करते है, ताकि (एनम्) इस ग्रहण करने वाले को तु (दृढा र ) दढ्-बद्ध शाला, दृटृ-बद्ध हुई तथा सजी-सजाई भेंट की जा रहौ है, न कि तोड-फोड रथात् दूसरे स्थान मे विना तोडे कंसे जायगी, इसके लिये देखो मन्त्र॒ १७,

English

They unreluctantly yield strength and vigour. She who with voice upraised in constant clamour, mighty, life- giving, goes unto her

अध्याय 9

श्लोक 1.19

अश्वि॑ना सार॒घेण॑ मा॒ मधु॑नाङ्क्तं शुभस्पती ।यथा॒ वर्च॑स्वतीं॒ वाच॑मा॒वदा॑नि॒ जनाँ॒ अनु॑

aśvinā sāragheṇa mā madhunāṅktaṃ śubhaspatī | yathā varcasvatīṃ vācamāvadāni janā~ anu

हिन्दी अर्थ

(शाने) है शाला ! (यः त्वा निमिमाय ) जिसनेतेरा निर्माण किया के लिये (चक्रे) निर्मित कियाहै। का उत्तराधिकार भी सूचित होता है

English

function, Bellowing to the heated three libations, suckles with streams of milk, and still is lowing.

अध्याय 9

श्लोक 1.20

स्त॒न॒यि॒त्नुस्ते॒ वाक् प्र॑जापते॒ वृषा॒ शुष्मं॑ क्षिपसि॒ भूम्यां॑ दि॒वि।तां प॒शव॒ उप॑ जीवन्ति॒ सर्वे॒ तेनो॒ सेष॒मूर्जं॑ पिपर्ति

stanayitnuste vāk prajāpate vṛṣā śuṣmaṃ kṣipasi bhūmyāṃ divi| tāṃ paśava upa jīvanti sarve teno seṣamūrjaṃ piparti

हिन्दी अर्थ

तस्मै --जिस को शाला समर्पित करनी है । ग्रग्नये भोजन काल में हम करते ह, (यत्) जोकि (शालायाम्) शाला मे (विजायते) जन्म लेता फन्दो, रस्सियो को (वि चृतामसि) हम वृढ ग्रथित करते हँ । ।

English

thee. The thunder is thy voice, O Lord of Creatures: a Bull, thou castest on the earth thy vigour.

अध्याय 9

श्लोक 1.21

पृ॒थि॒वी द॒ण्डो॒३न्तरि॑क्षं॒ गर्भो॒ द्यौः कशा॑ वि॒द्युत् प्र॑क॒शो हि॑र॒ण्ययो॑ बि॒न्दुः

pṛthivī daṇḍo3ntarikṣaṃ garbho dyauḥ kaśā vidyut prakaśo hiraṇyayo binduḥ

हिन्दी अर्थ

ञग्निमन्तश्छादयसि पुरुषान् पुभिः सह । करती है । (विजावति) है विविध जीव-जन्तुग्रों वाली ! (प्रजावति) हे (विचृतामसि) हम दृढ ्रथित करते हँ ।

English

The Honey-whip, the Manus’ first-born daughter, derives her origin from Wind and Agni. As at the morning sacrifice the Asvins twain love Soma well,

अध्याय 9

श्लोक 1.22

यो वै कशा॑याः स॒प्त मधू॑नि॒ वेद॒ मधु॑मान् भवति ।ब्रा॒ह्म॒णश्च॒ राजा॑ च धे॒नुश्चा॑न॒ड्वांश्च॑ व्री॒हिश्च॒ यव॑श्च॒ मधु॑ सप्त॒मम्

yo vai kaśāyāḥ sapta madhūni veda madhumān bhavati | brāhmaṇaśca rājā ca dhenuścānaḍvāṃśca vrīhiśca yavaśca madhu saptamam

हिन्दी अर्थ

४० ग्रथवेवेद-भाष्य कां ६ ।सू० ३ के लिये (उदरम्) उदररूप (क्वे) करता हूं । (तेन) इस लिये (तस्मे) उस उदरीकरण के निमित्त (शालाम् प्रति गृहामि) म शाला को स्वीकार मन्त्र मे शाला की ऊंचाई तथा लम्बाई-चौड़ाई का वणेन, रूपकालंकार

English

Even so may both the Asvins lay splendour and strength within my soul. As at the second sacrifice Indra and Agni love him well,

अध्याय 9

श्लोक 1.23

मधु॑मान् भवति॒ मधु॑मदस्याहा॒र्यंऽ भवति ।मधु॑मतो लो॒कान् ज॑यति॒ य ए॒वं वेद॑

madhumān bhavati madhumadasyāhāryaṃ' bhavati | madhumato lokān jayati ya evaṃ veda

हिन्दी अर्थ

छत्र को दयौः, ग्रौरश्राघार भूमिको पृथिवी, तथा बीचकेखाली भाग कौ ग्रन्तरिक्न कहा है । होता है खजाना, जिसमें कि सुखदायी वस्तुएं सम्भाल कर रखी जाती हं । प्रादि सब शेवधियां हँ । इन्द सुरक्षित रूपमे शालाक उदर में रखने का

English

Let the pair, Indra Agni, lay splendour and strength within my soul. As at third sacrifice Soma is the Ribhus’ well-beloved one,

अध्याय 9

श्लोक 1.24

यद् वी॒ध्रे स्त॒नय॑ति प्र॒जाप॑तिरे॒व तत् प्र॒जाभ्यः॑ प्रा॒दुर्भ॑वति ।तस्मा॑त् प्राचीनोपवी॒तस्ति॑ष्ठे॒ प्रजा॑प॒तेऽनु॑ मा बुध्य॒स्वेति॑ ।अन्वे॑नं प्र॒जा अनु॑ प्र॒जाप॑तिर्बुध्यते॒ य ए॒वं वेद॑

yad vīdhre stanayati prajāpatireva tat prajābhyaḥ prādurbhavati | tasmāt prācīnopavītastiṣṭhe prajāpate'nu mā budhyasveti | anvenaṃ prajā anu prajāpatirbudhyate ya evaṃ veda

हिन्दी अर्थ

वैसे ही गृह की निधियां मी शाला के उदर में रखी गयी सुरक्षित रहती ट ग्रहीता इन निधियों की सुरक्षा के लियेशाला को स्वीकृत करता है । को (बिभ्रती) धारण करती हुई (शाले) है शाला (प्रतिगृह्णतः) ग्रहण करते व्राले की (मा हिसीः) तू हिसा न कर। । कां० € 1 सू० ३ ग्रथवेवेद-भाष्य ४१

English

Even so may they, the Ribhus, store splendour and strength within my soul. Fain would I bring forth sweetness, fain would make it mine.

अध्याय 9

श्लोक 2.1

कामः १-२५ अथर्वा।कामः।त्रिष्टुप्, ५ अतिजगती, ७, १४-१५, १७-१८, २१-२२ जगती, ८ द्विपदा आर्षी पङ्क्तिः ११, २०, २३ भुरिक्, १२ अनुष्टुप्, १३ द्विपदार्ची अनुष्टुप्, १६ चतुष्पदा शक्वरीगर्भा परा जगती।स॒प॒त्न॒हन॑मृष॒भं घृ॒तेन॒ कामं॑ शिक्षामि ह॒विषाज्ये॑न ।नी॒चैः स॒पत्ना॒न् मम॑ पादय॒ त्वम॒भिष्टु॑तो मह॒ता वी॒र्येऽण

kāmaḥ 1-25 atharvā| kāmaḥ| triṣṭup, 5 atijagatī, 7, 14-15, 17-18, 21-22 jagatī, 8 dvipadā ārṣī paṅktiḥ 11, 20, 23 bhurik, 12 anuṣṭup, 13 dvipadārcī anuṣṭup, 16 catuṣpadā śakvarīgarbhā parā jagatī| sapatnahanamṛṣabhaṃ ghṛtena kāmaṃ śikṣāmi haviṣājyena | nīcaiḥ sapatnān mama pādaya tvamabhiṣṭuto mahatā vīrye'ṇa

हिन्दी अर्थ

साथ (गृहान्) घरों मेँ (उप सीदामि) उपस्थित होता हं, तथा (प्रसीदामि) घर से बाहिरि जबजायतो घर कीश्रोर पीठ करताहृश्रान जाय वुभूर्मिव' ता श्ाटे यत्काम भरामसि ॥२५॥ (नः) हमारे (पाशम्) पाशो को (मा प्रति मुचः) ढीला न कर, (गुरः

English

To that all cattle look for their existence: with this she nourishes their force and vigour. The Whip itself is Heaven, Earth is the handle, the point of juncture is the Air’s mid-region.

अध्याय 9

श्लोक 2.2

यन्मे॒ मन॑सो॒ न प्रि॒यं चक्षु॑षो॒ यन्मे॒ बभ॑स्ति॒ नाभि॒नन्द॑ति ।तद् दु॒ष्वप्न्यं॒ प्रति॑ मुञ्चामि स॒पत्ने॒ कामं॑ स्तु॒त्वोद॒हं भि॑देयम्

yanme manaso na priyaṃ cakṣuṣo yanme babhasti nābhinandati | tad duṣvapnyaṃ prati muñcāmi sapatne kāmaṃ stutvodahaṃ bhideyam

हिन्दी अर्थ

देवानां माग उपनाह एषो पां रसो ओष॑धीनां रतस्य । (एषः) यह् परमेरवर (देवानाम्) दिन्य जनों का (मागः) भजनीय खि है, (उपनाह.) यह जगत् के घटकों को परस्पर बान्धता है, थवा भजन

English

Drive them away, drive them afar, O Kāma; indigence fall on those who are my foemen! When they have been cast down to deepest darkness, consume their dwellings with thy fire,

अध्याय 9

श्लोक 2.3

दु॒ष्वप्न्यं॑ काम दुरि॒तं च॑ कामाप्र॒जस्ता॑मस्व॒गता॒मव॑र्तिम्।उ॒ग्र ईशा॑नः॒ प्रति॑ मुञ्च॒ तस्मि॒न् यो अ॒स्मभ्य॑मंहूर॒णा चिकि॑त्सात्

duṣvapnyaṃ kāma duritaṃ ca kāmāprajastāmasvagatāmavartim| ugra īśānaḥ prati muñca tasmin yo asmabhyamaṃhūraṇā cikitsāt

हिन्दी अर्थ

रूप है । बृहस्पतिः = बृहतः गोवंशस्य पतिः वह् मानो (एकमुखसे प्रकट हु ई (सहस्रम्) हजारों वेदवाणियोौं का (ददाति) प्रदान करता है । वनाता है; श्रथवा “पयः का प्रथेहै वेदवाणियों का ज्ञान रूपी

English

dwellings. Slay those who are mine enemies, O Kāma: headlong to depth of blinding darkness hurl

अध्याय 9

श्लोक 2.4

नु॒दस्व॑ काम॒ प्र णु॑दस्व का॒माव॑र्तिं यन्तु॒ मम॒ ये स॒पत्नाः॑ ।तेषां॑ नु॒त्ताना॑मध॒मा तमां॒स्यग्ने॒ वास्तू॑नि॒ निर्द॑ह॒ त्वम्

nudasva kāma pra ṇudasva kāmāvartiṃ yantu mama ye sapatnāḥ | teṣāṃ nuttānāmadhamā tamāṃsyagne vāstūni nirdaha tvam

हिन्दी अर्थ

लिये वेदवाणी को “धेनुः? कहते है शर्थात् ज्ञान-दुग्ध पिलाने वाली गौः। ““घेनुः वाड नाम", (निषं० १।११) । निरुक्तकार यास्काचायं वेद-घेनु के हुति, साक्षात् कराने क लिये पर्याप्त होती है । ५४ ग्रथवेवेद-भाष्य कां० € । सु०

English

them. Reft be they all of manly strength and vigour! Let them not have a single day’s existence.

अध्याय 9

श्लोक 2.5

सा ते॑ काम दुहि॒ता धे॒नुरु॑च्यते॒ यामा॒हुर्वाचं॑ क॒वयो॑ वि॒राज॑म्।तया॑ स॒पत्ना॑न् परि॑ वृङ्ग्धि॒ ये मम॒ पर्ये॑नान् प्रा॒णः प॒शवो॒ जीव॑नं वृणक्तु

sā te kāma duhitā dhenurucyate yāmāhurvācaṃ kavayo virājam| tayā sapatnān pari vṛṅgdhi ye mama paryenān prāṇaḥ paśavo jīvanaṃ vṛṇaktu

हिन्दी अर्थ

वह् दिव्य तो वन ही जायगा, षेनुः (ऋ० १०।७१।५), धेनु को व्याख्या इन्दं “एकमुखाः'” कहा है । वेदवाणियों का तात्पयं है सुख्यरूप से परमेडवर कानाम या साक्षात्कार । तभी ऋण्वेदमें कहा है कि यस्तं न वेव किभचा को नहीं जानता उसे वेद पठने से क्या लाभ हूश्रा । जिसने ब्रह्मोपासक को

English

Kāma hath slain those who were mine opponents, and given me ample room to grow and prosper.

अध्याय 9

श्लोक 2.6

काम॒स्येन्द्र॑स्य॒ वरु॑णस्य॒ राज्ञो॒ विष्णो॒र्बले॑न सवि॒तुः स॒वेन॑ ।अ॒ग्नेर्हो॒त्रेण॒ प्र णु॑दे स॒पत्नां॑छ॒म्बीव॒ नाव॑मुद॒केषु॒ धीरः॑

kāmasyendrasya varuṇasya rājño viṣṇorbalena savituḥ savena | agnerhotreṇa pra ṇude sapatnāṃchambīva nāvamudakeṣu dhīraḥ

हिन्दी अर्थ

प्रदान कर दिया । वेदमन्वर लगभग बीस हजार हैँ । होने से दुग्ध का स्वामी है। जिसने बेल का दान किया उसने मानों सदृश मुखो-वाली हजारौ गौग्रो का प्रदान किया। गोवंश परम्पराकौ दृष्टिसे एक बैल हजारो गौग्रों को पेदा करता है परमेश्वर ने (ते) तेरे लिये (वयः) ग्रन्न का (दधौ) पोषण किया दहै, तथा

English

Let the four regions bow them down before me, and let the six expanses bring me fatness. Let them drift downward like a boat torn from the rope that held it fast.

अध्याय 9

श्लोक 2.7

अध्य॑क्षो वा॒जी मम॑ काम॑ उ॒ग्रः कृ॒णोतु॒ मह्य॑मसप॒त्नमे॒व।विश्वे॑ दे॒वा मम॑ ना॒थं भ॑वन्तु॒ सर्वे॑ दे॒वा हव॒मा य॑न्तु म इ॒मम्

adhyakṣo vājī mama kāma ugraḥ kṛṇotu mahyamasapatnameva| viśve devā mama nāthaṃ bhavantu sarve devā havamā yantu ma imam

हिन्दी अर्थ

(त्वा) तुभो लक्ष्य करके, (जुहोमि) तेरे उदरमें ्रन्नाहुतियांदेताहू, (बहिः) वृद्धिकारक (स्ताम्) हं । प्राकृतिक शक्तियो हारा उसके शरीर को धारित तथा परिपृष्ट किया है । परमेश्वर ने यह श्र “श्राहुति'" रूप मे दिया है । रतः मनुष्य, निज जीवन

English

There is no turning back for those whom our keen arrows have repelled. 139

अध्याय 9

श्लोक 2.8

इ॒दमाज्यं॑ घृ॒तव॑ज्जुषा॒णाः काम॑ज्येष्ठा इ॒ह मा॑दयध्वम्।कृ॒ण्वन्तो॒ मह्य॑मसप॒त्नमे॒व

idamājyaṃ ghṛtavajjuṣāṇāḥ kāmajyeṣṭhā iha mādayadhvam| kṛṇvanto mahyamasapatnameva

हिन्दी अर्थ

प्रौर लोभरूप से नहीं । एता करने पर द्याव! पृथिवी दोनो, उसकी वृद्धि के कां० € । सू ४ ग्रथवेवेद-भाष्य ५५ गौग्रों मे, (विवावदत्) विविध प्रकारसे बोलता हरा (एति) प्रातादहै,

English

Agni averts, Indra averts, and Soma: may the averting Gods avert this foeman. To be avoided by his friends, detested, repelled, with few men round him, let him wander.

अध्याय 9

श्लोक 2.9

इ॒न्द्रा॒ग्नी का॑म स॒रथं॒ हि भू॒त्वा नी॒चैः स॒पत्ना॒न् मम॑ पादयाथः ।तेषां॑ प॒न्नाना॑मध॒मा तमां॒स्यग्ने॒ वास्तू॑न्यनु॒निर्द॑ह॒ त्वम्

indrāgnī kāma sarathaṃ hi bhūtvā nīcaiḥ sapatnān mama pādayāthaḥ | teṣāṃ pannānāmadhamā tamāṃsyagne vāstūnyanunirdaha tvam

हिन्दी अर्थ

मे देवों मे विविध प्रकार से बोलता हु्रा, कडकड़ाता हुग्रा प्राता है । ऋषभ ञष्ठीवन्तांवव्रवीन्मि्ो पतेत केवलादिति ॥१२॥ मित्र ने कहा कि (एतौ श्रष्टठीवन्तौ) ये दो घटने (केवलौ ) केवल (मम)

English

Yea, on the earth descend the lightning-flashes: may the strong God destroy your adversaries.

अध्याय 9

श्लोक 2.10

ज॒हि त्वं का॑म॒ मम ये स॒पत्ना॑ अ॒न्धा तमां॒स्यव॑ पादयैनान्।निरि॑न्द्रिया अर॒साः स॑न्तु॒ सर्वे॒ मा ते॑ जी॑विषुः कत॒मच्च॒नाहः॑

jahi tvaṃ kāma mama ye sapatnā andhā tamāṃsyava pādayainān| nirindriyā arasāḥ santu sarve mā te jīviṣuḥ katamaccanāhaḥ

हिन्दी अर्थ

१. वधू की उपमा यह दशनि के लियेदीदहैकि जसे वधू पहतीदहै,भ्रौर पैरों कां० ९ । सूं० ‰ ग्रथवेवेद-भाष्य ४१५ भारः) भारी भार (लघुः भव) हल्का हो जाय् । (शाले) ट शाला पाशम् = हमने जो पाश तुभ पर बान्धे ह उन्हे तू ढीला न कर, जव करि

English

The lash is lightning, and the tip is golden. Whoever knows the Whip’s seven kinds of honey, becomes himself a man endowed with

अध्याय 9

श्लोक 2.11

अव॑धी॒त् कामो॒ मम॒ ये स॒पत्ना॑ उ॒रुं लो॒कम॑कर॒न्मह्य॑मेध॒तुम्।मह्यं॑ नमन्तां प्र॒दिश॒श्चत॑स्रो॒ मह्यं॒ षडु॒र्वीर्घृ॒तमा व॑हन्तु

avadhīt kāmo mama ye sapatnā uruṃ lokamakaranmahyamedhatum| mahyaṃ namantāṃ pradiśaścatasro mahyaṃ ṣaḍurvīrghṛtamā vahantu

हिन्दी अर्थ

(प्राच्याः दिशः) पूवं दिशा से,(शालायाः महिम्ने) शाला के महत्व या महिमा के लिये (नमः) हम प्रन्नाहुतियां देते है, (स्वाह्य क 9 प्रवेक, ग्रन्नाहुतियां देते हैँ । ४ शाला ग्रहण करने वाला जब शाला मे प्रवेदा करता है तव, शाला

English

sweetness. Brāhman and King, the draught-ox and the milch-cow, barley and rice, and honey is the

अध्याय 9

श्लोक 2.12

तेऽध॒राञ्चः॒ प्र प्ल॑वन्तां छि॒न्ना नौरि॑व॒ बन्ध॑नात्।न साय॑कप्रणुत्तानां॒ पुन॑रस्ति नि॒वर्त॑नम्

te'dharāñcaḥ pra plavantāṃ chinnā nauriva bandhanāt| na sāyakapraṇuttānāṃ punarasti nivartanam

हिन्दी अर्थ

दक्षिण दिशा से, शाला के महत्त्व" या महिमा के लिये हम ्रन्नाहुतियां २. शाला के परिमाण कीदुष्टिसे। ३. याला प्रवेश संस्कार मे जिस-जिस दिशा के जो-जोौ देव है उनके प्रति । ४६ प्रथवेवेद-भाष्य कां € । सू०३

English

seventh. Sweet is the man, sweet are his goods and chattels: he who knows this conquers the worlds of

अध्याय 9

श्लोक 2.13

अ॒ग्निर्यव॒ इन्द्रो॒ यवः॒ सोमो॒ यवः॑ ।य॒व॒यावा॑नो दे॒वा या॑वयन्त्वेनम्

agniryava indro yavaḥ somo yavaḥ | yavayāvāno devā yāvayantvenam

हिन्दी अर्थ

परिचम दिशासे, शाला के महत्त्व या महिमा के लिये हम भ्रन्नाहु- देवेभ्यं स्वह भ्यः ॥२९॥ प्रवा दिशा से, शाला के महत्व या महिमा के लिये हम प्रन्नाहुतियां देवेभ्यः स्व॒ भ्यः ॥३०॥ ऊर्ध्वा दिशा से छत पर जाकर , शाला के महत्व या महिमा के लिये

English

sweetness. The thundering of Prajāpati in heaven is verily manifest to living creatures.

अध्याय 9

श्लोक 2.14

अस॑र्ववीरश्चरतु॒ प्रणु॑त्तो॒ द्वेष्यो॑ मि॒त्राणां॑ परिव॒र्ग्यः॑१ स्वाना॑म्।उ॒त पृ॑थि॒व्यामव॑ स्यन्ति वि॒द्युत॑ उ॒ग्रो वो॑ दे॒वः प्र मृ॑णत् स॒पत्ना॑न्

asarvavīraścaratu praṇutto dveṣyo mitrāṇāṃ parivargyaḥ1 svānām| uta pṛthivyāmava syanti vidyuta ugro vo devaḥ pra mṛṇat sapatnān

हिन्दी अर्थ

दिशा-दिशा से, शाला के महत्व या महिमा के लिये हम प्रत्ाहुतियां (ग्रथवं० ४।३८।५) में सूर्यं को ऋषम कहा है । वाजिनीवान् का श्रथंदहै मणि को ऋषभ कहा है। इस मन्त्र मेभी ऋषभ शब्द ्रसमस्तरूपमें

English

Therefore I stand from right to left invested, and, O Prajāpati, I cry, regard me!

अध्याय 9

श्लोक 2.15

च्यु॒ता चे॒यं बृ॑ह॒त्यच्यु॑ता च वि॒द्युद् बि॑भर्ति स्तनयि॒त्नूंश्च॒ सर्वा॑न्।उ॒द्यन्ना॑दि॒त्यो द्रवि॑णेन॒ तेज॑सा नी॒चैः स॒पत्ना॑न् नुदतां मे॒ सह॑स्वान्

cyutā ceyaṃ bṛhatyacyutā ca vidyud bibharti stanayitnūṃśca sarvān| udyannādityo draviṇena tejasā nīcaiḥ sapatnān nudatāṃ me sahasvān

हिन्दी अर्थ

११से १६ में बलीवदं प्रथं मूख्यहै। ११ से १६ मन्तरं मे वलीवदंके नामहों। इसके लिये शारीरिक-विज्ञान तथादेवों के गुणकर्मो के ज्ञान की जहां “्राजुहोति'" (६,१८), तथा “जुहोमि'' (१०) पद पटिति रहै, वहां उनके श्रभिप्रायों को स्पष्ट कर दिया, है ।

English

The man who hath this knowledge is regarded by living beings and the Lord of Creatures. A glorification of Kāma as God of desire of all that is good

अध्याय 9

श्लोक 2.16

यत् ते काम॒ शर्म॑ त्रि॒वरू॑थमु॒द्भु ब्रह्म॒ वर्म॒ वित॑तमनतिव्या॒ध्यंऽ कृ॒तम्।तेन॑ स॒पत्ना॒न् परि॑ वृङ्ग्धि॒ ये मम॒ पर्ये॑नान् प्रा॒णः प॒शवो॒ जीव॑नं वृणक्तु

yat te kāma śarma trivarūthamudbhu brahma varma vitatamanativyādhyaṃ' kṛtam| tena sapatnān pari vṛṅgdhi ye mama paryenān prāṇaḥ paśavo jīvanaṃ vṛṇaktu

हिन्दी अर्थ

का श्रसिप्राय व्याख्या मे देखिये । (साहसः) हजारों शक्तियो वाला, या हजारों नक्षत्र-तारागणो का (निघं० १।१३) । दिक्षन्; ““शिक्षतिः दानकर्मा,'' (निषं० ३।२०) ।

English

Kāma the Bull, slayer of foes, I worship with molten butter, sacrifice, oblation. Beneath my feet cast down mine adversaries with thy great manly power, when I have

अध्याय 9

श्लोक 2.17

येन॑ दे॒वा असु॑रा॒न् प्राणु॑दन्त॒ येनेन्द्रो॒ दस्यू॑नध॒मं तमो॑ नि॒नाय॑ ।तेन॒ त्वं का॑म॒ मम॒ ये स॒पत्ना॒स्तान॒स्माल्लो॒कात् प्र णु॑दस्व दू॒रम्

yena devā asurān prāṇudanta yenendro dasyūnadhamaṃ tamo nināya | tena tvaṃ kāma mama ye sapatnāstānasmāllokāt pra ṇudasva dūram

हिन्दी अर्थ

श्रधिष्ठाता है परमेश्वर । उसियः = उस्राः रदिमनाम! (तिघं० १।५); य॒पांयो अग्र प्रतिमा बभूव पृभूः सर्वम पृथिवीवं देवी । त्व का (प्रतिमा) निमतिा (बभूव) हुश्रा, जो (देवी पृथिवी इव ) दिव्य गुणो वाली पृथिवी के सदृशा (सवस्मे) सव के लिये (प्रभूः) पालन करने में

English

praised thee. That which is hateful to mine eye and spirit, that harasses and robs me of enjoyment,

अध्याय 9

श्लोक 2.18

यथा॑ दे॒वा असु॑रा॒न् प्राणु॑दन्त॒ यथेन्द्रो॒ दस्यू॑नध॒मं तमो॑ बबा॒धे।तथा॒ त्वं का॑म॒ मम॒ ये स॒पत्ना॒स्तान॒स्माल्लो॒कात् णु॑दस्व दू॒रम्

yathā devā asurān prāṇudanta yathendro dasyūnadhamaṃ tamo babādhe| tathā tvaṃ kāma mama ye sapatnāstānasmāllokāt ṇudasva dūram

हिन्दी अर्थ

म प्रजा को श्रमृत परमेश्वर के पुत्र कहा है। बलीवदं मे,--“श्रपाम्'” उत्पत्ति कालसे ही जो जलों के सद (विभति) मरण-पोषण करता है । (देवयानैः पथिभिः) देवयान मार्गो द्वारा कौ उन्नति के लिये, उसके प्रति श्रपने-ध्राप को समपित किए हए है। देव-

English

The evil dream I loose upon my foemen. May I rend him when I have lauded Kāma.

अध्याय 9

श्लोक 2.19

कामो॑ जज्ञे प्रथ॒मो नैनं॑ दे॒वा आ॑पुः पि॒तरो॒ न मर्त्याः॑ ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

kāmo jajñe prathamo nainaṃ devā āpuḥ pitaro na martyāḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

यानैः पथिभिः) देवजन जिन मार्गो के प्रनुसार जीवन व्यतीत करते है, उन (गगंराणाम्) गरगर शब्द करते हए, गजेते हए (महताम्) बड़ -बड मेघो ग्रामिक्षा==गमं दूध में दधि डाल कर दूषका फटा स्वरूप । गगर

English

Kāma, do thou, a mighty Lord and Ruler, let loose ill dream, misfortune, want of children, Homelessness, Kāma! utter destitution, upon the sinner who designs my ruin.

अध्याय 9

श्लोक 2.20

याव॑ती द्यावा॑पृथि॒वी व॑रि॒म्णा याव॒दापः॑ सिष्य॒दुर्याव॑द॒ग्निः ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

yāvatī dyāvāpṛthivī varimṇā yāvadāpaḥ siṣyaduryāvadagniḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

(शक्रः) वह शक्तिशाली है। उस की कृपा से (यत्) जो (शरीरम्) हे परमेदवर (सोमेन पूणम्) भक्ति रस से भरे (कलशम्) हृदय कलश का (विभषि) तु भरण-पोषण करता है, (रूपाणाम्) नानाविष प्राणियों का (जनिता) जन्मदाता है। (इह याः इमाः) इस संसारमें जोये

English

O Agni. She, Kāma! she is called the Cow, thy daughter, she who is named Vāk and Virāj by sages.

अध्याय 9

श्लोक 2.21

याव॑ती॒र्दिशः॑ प्र॒दिशो॒ विषू॑ची॒र्याव॑ती॒राशा॑ अभि॒चक्ष॑णा दि॒वः ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

yāvatīrdiśaḥ pradiśo viṣūcīryāvatīrāśā abhicakṣaṇā divaḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

कारिणी हो, (स्वधिते) है निजरचित संसार मेँ स्थिति वाले ! (याः ग्रमः) स्वधितिः == “स्वयं कर्माणि धत्ते" (निर० १३१४) । २ (१) । २६ बलीवदपक्षे सोम दुग्ध, कलश = स्तन (गौ के) । रूपाणाम्, पशू-

English

By her drive thou my foemen to a distance. May cattle, vital breath, and life forsake them. By Kāma’s might, King Varuna’s and Indra’s, by Vishnu’s strength, and Savitar’s instigation,

अध्याय 9

श्लोक 2.22

याव॑ती॒र्भृङ्गा॑ ज॒त्वःऽ कु॒रूर॑वो॒ याव॑ती॒र्वघा॑ वृक्षस॒र्प्योऽ बभू॒वुः ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

yāvatīrbhṛṅgā jatvaḥ' kurūravo yāvatīrvaghā vṛkṣasarpyo' babhūvuḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

परमेरवर हजारों प्रकार से (पोषः) सब का परिपोषण करता है। ( तम् उ मर्थात् शरीर को पत्थर समान दृढ करनेका वणन हूृभ्राहै। , (देवाः) है दिव्य जनो । हमे (शिवः एतु) कल्याणकारी स्वरूप मेँ प्रा्त हो । नि

English

I chase my foes with sacrifice to Agni, as a deft steersman drives his boat through waters. May Kāma, mighty one, my potent warder, give me full free- dom from mine adversaries.

अध्याय 9

श्लोक 2.23

ज्याया॑न् निमिष॒तोऽसि॒ तिष्ठ॑तो॒ ज्याया॑न्त्समु॒द्राद॑सि काम मन्यो ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

jyāyān nimiṣato'si tiṣṭhato jyāyāntsamudrādasi kāma manyo | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

त ह --सम्राद् (यजु० ८।३७) । तथा सूयं सम्राट् के 0 = । ८ सथं केरूप वाला परमेश्वर यथा हारा हृदय में प्रकट करिया गयां परमेश्वर । नित से र् जो (घीरासः) मेधावी नी ध चह ।

English

May all the Deities be my protection, all Gods come nigh to this mine invocation. Accepting this oblation rich with fatness, be joyful here, ye

अध्याय 9

श्लोक 2.24

न वै वात॑श्च॒न काम॑माप्नोति॒ नाग्निः सूर्यो॒ नोत च॒न्द्रमाः॑ ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

na vai vātaścana kāmamāpnoti nāgniḥ sūryo nota candramāḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

इस परगक्र करो। न) षणः) मनीषी लोगं वे एनम्) विचत् मघ्यमस्थानी है, उ्तके सा प्रथति् श्रगली दो टि वरुणकी ह, दो कन्ध स्यो च ५

English

Gods whose chief is Kāma, Giving me freedom from mine adversaries.

अध्याय 9

श्लोक 2.25

यास्ते॑ शि॒वास्त॒न्वःऽ काम भ॒द्रा याभिः॑ स॒त्यं भव॑ति॒ यद् वृ॑णी॒षे।ताभि॒ष्ट्वम॒स्माँ अ॑भि॒संवि॑शस्वा॒न्यत्र॑ पा॒पीरप॑ वेशया॒ धियः॑

yāste śivāstanvaḥ' kāma bhadrā yābhiḥ satyaṃ bhavati yad vṛṇīṣe| tābhiṣṭvamasmā~ abhisaṃviśasvānyatra pāpīrapa veśayā dhiyaḥ

हिन्दी अर्थ

पां० ६ ।सू०४ भ्रथवेवेद-भाष्य २ पण्ण मरुतो की है । इस प्रकार हैविकलूप मे इसे सम्भृत बृहस्पति प्रजाजनों के कामों में सहारा देने वाले दो वाहुभ्रों के सदुश यहं सहायक है ।

English

Ye, Indra, Agni, Kāma! come together and cast mine adver- saries down beneath me. When they have sunk into the deepest darkness, O Agni, with thy fire consume their

अध्याय 9

श्लोक 3.1

शाला।१-३१ भृग्वङ्गिराः।शाला।अनुष्टुप्, ६ पथ्यापङ्क्तिः, ७ परोष्णिक्, १५ त्र्यवसाना पञ्चपदातिशक्वरी, १७ प्रस्तारपङ्क्तिः, २१ आस्तारपङ्क्तिः २५-३१ त्रिपदा प्राजापत्या बृहती, २६ साम्नी त्रिष्टुप्, २७-३० प्रतिष्ठानाम गायत्री, (२५-३१) एकावसाना त्रिपदा।उ॒प॒मितां॑ प्रति॒मिता॒मथो॑ परि॒मिता॑मु॒त।शाला॑या वि॒श्ववा॑राया न॒द्धानि॒ वि चृ॑तामसि

śālā| 1-31 bhṛgvaṅgirāḥ| śālā| anuṣṭup, 6 pathyāpaṅktiḥ, 7 paroṣṇik, 15 tryavasānā pañcapadātiśakvarī, 17 prastārapaṅktiḥ, 21 āstārapaṅktiḥ 25-31 tripadā prājāpatyā bṛhatī, 26 sāmnī triṣṭup, 27-30 pratiṣṭhānāma gāyatrī, (25-31) ekāvasānā tripadā| upamitāṃ pratimitāmatho parimitāmuta| śālāyā viśvavārāyā naddhāni vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

नुमतिः= देवपत्नी (नैरूताः) । या पूर्वा पौणंमासी साऽनुमतिः कहा है (२) गौः वाङ्नाम (निघ० ।११) । § ्ं ग्रथवेवेद-भाष्य कां० € । सुर ४

English

This potent lightning nourishes things shaken, and things un- shaken yet, and all the thunders. May the Sun, rising with his wealth and splendour, drive in victorious might my foemen

अध्याय 9

श्लोक 3.2

यत् ते॑ न॒द्धं वि॑श्ववारे॒ पाशो॑ ग्र॒न्थिश्च॒ यः कृ॒तः ।बृह॒स्पति॑रिवा॒हं ब॒लं वा॒चा वि स्रं॑सयामि॒ तत्

yat te naddhaṃ viśvavāre pāśo granthiśca yaḥ kṛtaḥ | bṛhaspatirivāhaṃ balaṃ vācā vi sraṃsayāmi tat

हिन्दी अर्थ

प्रापणीयं प्ररमेरवर (गवां पतिः) "गौश्नों का पत्िहै। गौणरूप मेँ बलीवदं का वर्णेन है । श्रथवं० .€।७।१ मे “प्रजापतिश्च परः दारा तामसिक-राक्षसो कामं, क्रोध, लोभ श्रादि कों हटाता है । वह् निज

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Not even Vāta is the peer of Kāma, not Agni, Chandramas the Moon, nor Sūrya.

अध्याय 9

श्लोक 3.3

आ य॑याम॒ सं ब॑बर्ह ग्र॒न्थींश्च॑कार ते दृ॒ढान्।परूं॑षि वि॒द्वांछस्ते॒वेन्द्रे॑ण॒ वि चृ॑तामसि

ā yayāma saṃ babarha granthīṃścakāra te dṛḍhān| parūṃṣi vidvāṃchastevendreṇa vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

(विश्वरूपः) विष्वे को रूप देने वाला ऋषभ-परमेरवर (नः) हमें पिज्ञद्धः-पीतवणं वाला, हिरण्यसदुश . रूपवाला काङ्चनं . सदश कार, ६ ।-सु०.9 घ्रथव्रवेदभाष्य . ३

English

The diadem, securely tied and laid upon the central beam.

अध्याय 9

श्लोक 3.4

वं॒शानां॑ ते॒ नह॑नानां प्राणा॒हस्य॒ तृण॑स्य च ।प॒क्षाणां॑ विश्ववारे ते न॒द्धानि॒ वि चृ॑तामसि

vaṃśānāṃ te nahanānāṃ prāṇāhasya tṛṇasya ca | pakṣāṇāṃ viśvavāre te naddhāni vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

भव नहीं कर रहै हँ परमयोगी उनके प्रति कहते हैँ कि इस सदा युवा, श्रत ६४ । ग्रथवेवेद-भाष्य . काऽ ६।.सू० ४ होकर जब चाहो, उस युवा के साथ विचरो। परन्तु इस नए श्रघ्यात्म 0

English

Art thou whose several limbs and joints we part and loosen one by one. He who collected timber for the work and built thee up, O

अध्याय 9

श्लोक 3.5

सं॒दं॒शानां॑ पल॒दानां॒ परि॑ष्वञ्जल्यस्य च ।इ॒दं मान॑स्य॒ पत्न्या॑ न॒द्धानि॒ वि चृ॑तामसि

saṃdaṃśānāṃ paladānāṃ pariṣvañjalyasya ca | idaṃ mānasya patnyā naddhāni vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

बलीवद पश्च में युवा बैल तथां गौग्रो मे परस्पर क्रीडा का वणन है काऽ ९्के वें सूक्त कां थाज्िकं विनियोग निम्नलिखित है--.. भागरूप तीसरे-नाक मेया सुकममियः. के लोकमे जाता है, वहां.पहिले

English

House, Made thee for coming progeny, Prajāpati, the Lord Supreme.

अध्याय 9

श्लोक 3.6

यानि॑ ते॒ऽन्तः शि॒क्याऽन्याबे॒धू र॒ण्याऽय॒ कम्।प्र ते॒ तानि॑ चृतामसि शि॒वा मान॑स्य॒ पत्नि॑ न॒ उद्धि॑ता त॒न्वेऽ भव

yāni te'ntaḥ śikyā'nyābedhū raṇyā'ya kam| pra te tāni cṛtāmasi śivā mānasya patni na uddhitā tanve' bhava

हिन्दी अर्थ

गए हुए यजमान प्रादि के तमस् का हनन करता है,-इत्यादि वणेन इस तथां श्रथवेवेद के श्र॑ग्ेजी.भाषा मे ्रनुवाद करने वाले “विलियम डिविट ह्िटनी “ने इस सूक्त का शीषेक दिया है “प्ण 116 रल गै पद पठित है उनकी ष्टि से. “ह्िटनी" ने इसं प्रकारं काशीषेक दियाहै।

English

Homage to him! We worship too the giver and the Mansion’s lord: Homage to Agni! to the man who serves at holy rites for thee.

अध्याय 9

श्लोक 3.7

ह॒वि॒र्धान॑मग्नि॒शालं॒ पत्नी॑नां॒ सद॑नं॒ सदः॑ ।सदो॑ दे॒वाना॑मसि देवि शाले

havirdhānamagniśālaṃ patnīnāṃ sadanaṃ sadaḥ | sado devānāmasi devi śāle

हिन्दी अर्थ

के प्रति, च किं ब्राह्यण के प्रति। 0 । अर्थात् पांच श्रोदनतदतरिथो कै साधं, ६. मन्व ३१से ३६ तकमें ६ऋतश्रो का वणेन, तथा इन ऋतुश्रों

English

Homage to kine and steeds! to all that shall be born within the house We loose the bonds that fasten thee, mother of multitudes to come!

अध्याय 9

श्लोक 3.8

अक्षु॑मोप॒शं वित॑तं सहस्रा॒क्षं वि॑षू॒वति॑ ।अव॑नद्धम॒भिहि॑तं॒ ब्रह्म॑णा॒ वि चृ॑तामसि

akṣumopaśaṃ vitataṃ sahasrākṣaṃ viṣūvati | avanaddhamabhihitaṃ brahmaṇā vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

“तेदाघ" कोः वषे के. प्रारम्भ की ऋत् कहा है । कोई शुभेच्छ श्राचायं के प्रति निवेदन करताहैकिं. है ग्राचाध यह (सुकृतां लोकम्) सुक्मियों के लोक मे (श्रपि गच्छतु) जाय । (बहुधा)

English

Agni thou shelterest within, and people with domestic beasts. We loose the bonds that fasten thee, mother of multitudes to come!

अध्याय 9

श्लोक 3.9

यस्त्वा॑ शाले प्रतिगृ॒ह्णाति॒ येन॒ चासि॑ मि॒ता त्वम्।उ॒भौ मा॑नस्य पत्नि॒ तौ जीव॑तां ज॒रद॑ष्टी

yastvā śāle pratigṛhṇāti yena cāsi mitā tvam| ubhau mānasya patni tau jīvatāṃ jaradaṣṭī

हिन्दी अर्थ

बहृत प्रकार के (महान्ति) बड़े-बड़े (तमांसि) तमोमय जीवनो को ५..-मन्व्र १० म “त्रिनाके" पद द्वारा नाक के तीन भागों का वणेन है । तथा मन्त १,३,४,६,८ मे (ततीय नाक” का वणेन है । (६) श्रभिभुवम् (चैत्र-वेशाख) । मन्तो में.

English

All space that lies between the earth and heaven, therewith I take this house for thy possession,

अध्याय 9

श्लोक 3.10

अ॒मुत्रै॑न॒मा ग॑च्छताद् दृ॒ढा न॒द्धा परि॑ष्कृता ।यस्या॑स्ते विचृ॒ताम॒स्यङ्ग॑मङ्गं॒ परु॑ष्परुः

amutrainamā gacchatād dṛḍhā naddhā pariṣkṛtā | yasyāste vicṛtāmasyaṅgamaṅgaṃ paruṣparuḥ

हिन्दी अर्थ

सम्बन्ध कृषिकमं के साथ है (ऋ० ३।५६।१) । प्रनूवृजो = बलीवदं की छाती से लेकर, पिछली टागों के उस्ग्रों तकके दो पासे" एेसा प्रथं कटं पुच्छं वातस्य देवस्य तेन ॒धूनोत्योषधीः ॥१२॥ पूछ थी (वातस्य देवस्य) वायुदेव कौ, (तेन) उस पुछ द्वारा बलीवद (ग्रोषधीः) ग्रोषधियों को (धूनोति) कम्पाता ह ।

English

downward. Thy firm and triply-barred protection, Kāma! thy spell, made weapon-proof extended armour

अध्याय 9

श्लोक 3.11

यस्त्वा॑ शाले निमि॒माय॑ संज॒भार॒ वन॒स्पती॑न्।प्र॒जायै॑ चक्रे त्वा शाले परमे॒ष्ठी प्र॒जाप॑तिः

yastvā śāle nimimāya saṃjabhāra vanaspatīn| prajāyai cakre tvā śāle parameṣṭhī prajāpatiḥ

हिन्दी अर्थ

दयूलोक की दीप्तियोंको जीणं करता है। दूस कमं को जारकमं काह । वह साय दर्घाया है । “सद् “इन्द्रि गौ की होती है, वलीवदं बेल कौ नहीं। तथापि गोजाति की दृष्टि से बलीवदं के साथ “'भसद्" का वणन कर दिया है) (गदाः) गुदा के ग्रवयव श्रासन्) ये (सिनीवाल्याः) सिनीवाली के,

English

With that drive thou my foemen to a distance. May cattle, vital breath, and life forsake them. Far from the world wherein we live, O Kāma, drive thou my foemen with that selfsame

अध्याय 9

श्लोक 3.12

नम॒स्तस्मै॒ नमो॑ दा॒त्रे शाला॑पतये च कृण्मः ।नमो॒ऽग्नये॑ प्र॒चर॑ते॒ पुरु॑षाय च ते॒ नमः॑

namastasmai namo dātre śālāpataye ca kṛṇmaḥ | namo'gnaye pracarate puruṣāya ca te namaḥ

हिन्दी अर्थ

उन्होने श्रनुमति प्रादि देवों ने (१२, १३, १४ ) । सिनीवाली श्रावरणरूप है, त्वचा बलीवदं का ्रावरण है। सम्भवतः इसलिये त्वचा का सम्बन्ध सूर्याके साथ कहा हो । “उत्थाता” भी देव है, यह केवल इसी सम्भवतः सूयं । यह ऊच्वदिदा में चुलोक में स्थित है। चलता नहीं इसका चलना परथिवी के निज भक्ष पर परिचिमसे पूव॑की श्रोर परिभ्रमण को वजह से है । यह स्थित तो है" परन्तु इसके पैर नहीं । पैरों द्वारा ही स्थिति होती है । यथा “पादयो प्रतिष्ठा (ग्रथवं० १६।६०।२) इस कमी

English

weapon Wherewith the Gods repelled the fiends, and Indra cast down the Dasyus into deepest

अध्याय 9

श्लोक 3.13

गोभ्यो॒ अश्वे॑भ्यो॒ नमो॒ यच्छाला॑यां वि॒जाय॑ते ।विजा॑वति॒ प्रजा॑वति॒ वि ते॒ पाशां॑श्चृतामसि

gobhyo aśvebhyo namo yacchālāyāṃ vijāyate | vijāvati prajāvati vi te pāśāṃścṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

करो आसीज्जामिशंसस्य सोम॑स्य कलशो धृतः । (क्रोडः) छाती (ग्रासीत्) थी (जाभिशंसस्य ) जामिशंस की, (कलशः) दग्धाशय (सोमस्य) सोम के लिये (धृतः) निर्घारित करिया । (स्वे देव) सव देवों ने (संगत्य ) मिलकर (यत्) जव (ऋषभम्) बलीवदं की

English

darkness. As Gods repelled the Asuras, and Indra down to the lowest darkness drove the demons,

अध्याय 9

श्लोक 3.14

अ॒ग्निम॒न्तश्छा॑दयसि॒ पुरु॑षान् प॒शुभिः॑ स॒ह।विजा॑वति॒ प्रजा॑वति॒ वि ते॒ पाशां॑श्चृतामसि

agnimantaśchādayasi puruṣān paśubhiḥ saha| vijāvati prajāvati vi te pāśāṃścṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

५८ श्रथवेवेद-भाष्य कां० € । सू० ४ जात भगिनी, शंस दंसु स्त॒तौ,स्तुति करने वाला.प्रशंसा करने वाला भा ई । जो भाई निज वहिन की सदा प्रशंसा करता ग्रौर् उस की रक्षा करता है उसके लिये कोड है, छाती हैःवह छाती मे लगाकर स्न् करने के योग्य है । “स्वसुर्जारः” (ऋ ० ६।५५।५) भें “जार का प्रथ प्रशंसक भी ४ सोम का श्रथ है दुग्ध (ऋ० €।१०७।६) मेसोम का प्रथ दुर है (निरुक्त ५।१।३) । "कलश" का प्रथं है गौ का दुग्धाय जिसमे दुग्ध का ग्रावास होता है । निरुक्त में जामिशंस का वणन नहीं हँ ।

English

So, Kāma, from this world, to distant places, drive thou the men who are mine adversaries. First before all sprang Kāma into being. Gods, Fathers, mortal men have never matched him.

अध्याय 9

श्लोक 3.15

अ॒न्त॒रा द्यां च॑ पृथि॒वीं च॒ यद् व्यच॒स्तेन॒ शालां॒ प्रति॑ गृह्णामि त इ॒माम्।यद॒न्तरि॑क्षं॒ रज॑सो वि॒मानं॒ तत् कृ॑ण्वे॒ऽहमु॒दरं॑ शेव॒धिभ्यः॑ ।तेन॒ शालां॒ प्रति॑ गृह्णामि॒ तस्मै॑

antarā dyāṃ ca pṛthivīṃ ca yad vyacastena śālāṃ prati gṛhṇāmi ta imām| yadantarikṣaṃ rajaso vimānaṃ tat kṛṇve'hamudaraṃ śevadhibhyaḥ | tena śālāṃ prati gṛhṇāmi tasmai

हिन्दी अर्थ

ते वुष्ठिकाः स॒रमाये कूर्मस्य अदधुः शुफान् । ते) उन्टोने (सरमाये) कुतिया के लिये (कुण्ठिता ) कु ८ पि १ (श्रदधुः) निर्धारित की, (कूमम्यः ) कषु न लिये श्राजीविका के लिये श्रधारयन् ) निर्धारित किया ।

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Wide as the space which heaven and earth encompass, far as the flow of waters, far as Agni,

अध्याय 9

श्लोक 3.16

ऊर्ज॑स्वती॒ पय॑स्वती पृथि॒व्यां निमि॑ता मि॒ता।वि॒श्वा॒न्नं बिभ्र॑ती शाले॒ मा हिं॑सीः प्रतिगृह्ण॒तः

ūrjasvatī payasvatī pṛthivyāṃ nimitā mitā| viśvānnaṃ bibhratī śāle mā hiṃsīḥ pratigṛhṇataḥ

हिन्दी अर्थ

सरमा का ग्रहै कुतिया । सारमेय का प्रथ होता है कत्ते, से द है । कुतिया छोटी-छोरी प्रस्थियों को चवा लेती है । शफ ५. श्रोणी वृहस्पतेः १२. कुष्ठिकाः ५६ कां० € । सु०४ प्रथवेवेद-भाष्य ५९

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Vast as the quarters of the sky and regions that lie between them spread in all directions, vast

अध्याय 9

श्लोक 3.17

तृणै॒रावृ॑ता पल॒दान् वसा॑ना॒ रात्री॑व॒ शाला॒ जग॑तो नि॒वेश॑नी ।मि॒ता पृ॑थि॒व्यां ति॑ष्ठसि ह॒स्तिनी॑व प॒द्वती॑

tṛṇairāvṛtā paladān vasānā rātrīva śālā jagato niveśanī | mitā pṛthivyāṃ tiṣṭhasi hastinīva padvatī

हिन्दी अर्थ

प्रापणीय परमेडवर (गवां पत्तिः) गौश्रों का पति है गौणरूप मे बलीवदं का वणेन है । अ्रथवे० €।७।१ मे “"प्रजापतिक्च पर- दारा तामसिक-राक्षसों काम, क्रोध, लोभ श्रादिको हटाता है। वह निज

English

as celestial tracts and views of heaven, Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship.

अध्याय 9

श्लोक 3.18

इट॑स्य ते॒ वि चृ॑ता॒म्यपि॑नद्धमपोर्णु॒वन्।वरु॑णेन॒ समु॑ब्जितां मि॒त्रः प्रा॒तर्व्युऽब्जतु

iṭasya te vi cṛtāmyapinaddhamaporṇuvan| varuṇena samubjitāṃ mitraḥ prātarvyu'bjatu

हिन्दी अर्थ

हनन करता है। परमेदवर के प्रकृतिक कणं तो नहीं है परन्तु "गवाम् वेदवाणियों का पति दहै, गौः वाड्नाम (निषं० १।११) । वह् (श्रघ्न्यः'' है, न हनन करता ्रौर न उसका हनन हो सकता है। धयो न (सः) वह् परमयोगी मानो (शंतयाजम्) सेकडों यज्ञ॒ (यजते)

English

Many as are the bees, and bats, and reptiles, and female serpents of the trees, and beetles, Stronger art thou than these, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship.

अध्याय 9

श्लोक 3.19

ब्रह्म॑णा॒ शालां॒ निमि॑तां क॒विभि॒र्निमि॑तां मि॒ताम्।इ॒न्द्रा॒ग्नी र॑क्षतां॒ शाला॑म॒मृतौ॑ सो॒म्यं सदः॑

brahmaṇā śālāṃ nimitāṃ kavibhirnimitāṃ mitām| indrāgnī rakṣatāṃ śālāmamṛtau somyaṃ sadaḥ

हिन्दी अर्थ

जीविका का हनन कंसे कर सकता रै । स्रकी कृपा दृष्टिसे कृषि द्वारा श्रनाजी- क श्थर्ैवेद-भाष्य का०.६। सू = बुः अधववेद-माध्य , क रणोतिं मद्रं कर्णाभ्यां गवा यः प॑तिरघ्नय; ॥१७॥

English

Stronger art thou than aught that stands or twinkles, stronger art thou than ocean, Kāma! Manyu!

अध्याय 9

श्लोक 3.20

कु॒लायेऽधि॑ कु॒लायं॒ कोशे॒ कोशः॒ समु॑ब्जितः ।तत्र॒ मर्तो॒ वि जा॑यते॒ यस्मा॒द् विश्वं॑ प्र॒जाय॑ते

kulāye'dhi kulāyaṃ kośe kośaḥ samubjitaḥ | tatra marto vi jāyate yasmād viśvaṃ prajāyate

हिन्दी अर्थ

हनन करता है । परमेदवर के ; प्रक्तिकः कणं तो नहीं है परन्तु गवाम्" वेदवाणियों का पतिं है, गौः वाद्नांम (निघं०. १।११) । वहु जात भगिनी, शंस शंसु स्ततौ,स्तुति करने वाला,प्ररंसा करने वाला भाई । जो भाई निज बहिन की सदा प्रशंसा करता श्रौर.उसकी रक्षा कस्ता है उसके लिये करोड है, छाती हैःवह् छाती मे लगाकर स्नेह करने के योग्य है । .

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Thy lovely and auspicious forms, O Kāma, whereby the thing thou wilt becometh real,

अध्याय 9

श्लोक 3.21

या द्विप॑क्षा॒ चतु॑ष्पक्षा॒ षट् प॑क्षा॒ या नि॑मी॒यते॑ ।अ॒ष्टाप॑क्षां॒ दश॑पक्षां॒ शालां॒ मान॑स्य॒ पत्नी॑म॒ग्निर्गर्भ॑ इ॒वा श॑ये

yā dvipakṣā catuṣpakṣā ṣaṭ pakṣā yā nimīyate | aṣṭāpakṣāṃ daśapakṣāṃ śālāṃ mānasya patnīmagnirgarbha ivā śaye

हिन्दी अर्थ

है । यथा “जरिता स्तोतनाम (निघं० ३।१६)। "सोमस्य कलशः मे सोम काः अर्थं है दुग्ध (ऋ०..६।१०७।९) मेसौम काश्रथेदुग्धहैः (निरुक्त ५।१।३).। कलश” काः श्रथं है गौ का दुगधाशय जिसमें दुग्धं का अ्रावास होता है। निस्क्त मे जामिंसःका वणेन नहीं है । ८ ते कुष्ठिकाः स॒रमाये कूरमम्यो अदधुः शुफान् । भ्राजीविका के लिये श्रधारयन्) निर्धारितं किया ।

English

With these come thou and make thy home among us, and make malignant thoughts inhabit elsewhere.

अध्याय 9

श्लोक 3.22

प्र॒तीचीं॑ त्वा प्रती॒चीनः॒ शाले॒ प्रैम्यहिं॑सतीम्।अ॒ग्निर्ह्य॑१न्तराप॑श्च॒र्तस्य॑ प्रथ॒मा द्वाः

pratīcīṃ tvā pratīcīnaḥ śāle praimyahiṃsatīm| agnirhya1ntarāpaścartasya prathamā dvāḥ

हिन्दी अर्थ

सरमा काम्रथंहै कुतिया। सारमेय का ग्रथेहोतादहै कृत्तेजोकि सरमा. से पैदा होते ह। कतिया छोटी-छोदी अ्रस्थियों को चना लेती है । शफ 4. पाद्व 1 ५ सूर्यायाः (सः) वहं परमयोगी मानो (शंतयाजम्) सैकड़ों यज्ञ॒ (यजते) । ६9. । श्रथवेवेद-भाष्य क० ॥ घूञ ४.

English

On the consecration of a newly built house We loose the ties and fastenings of the house that holds all precious things,

अध्याय 9

श्लोक 3.23

इ॒मा आपः॒ प्र भ॑राम्यय॒क्ष्मा य॑क्ष्म॒नाश॑नीः ।गृ॒हानुप॒ प्र सी॑दाम्य॒मृते॑न स॒हाग्निना॑

imā āpaḥ pra bharāmyayakṣmā yakṣmanāśanīḥ | gṛhānupa pra sīdāmyamṛtena sahāgninā

हिन्दी अर्थ

योगी इस की “उपासनारूपी-ग्रग्नि" मे परमेदवर . को श्राहुति देकर इसे गराहूति द्वारा उसने. महायज्ञ किया है । इसलिये वह मानो संकड़ं यज्ञो के फलों का श्रधिकारी बन जाताहै। श्रगनयः-देखो (श्रथवे० १९।१।१- (दत्वा) प्रदान करके दाता (मनः) निज मन को (वरीयः) श्रेष्ठं तथा उदारं (कृणुते) करता है, (सः) श्रौर वह (स्वे). श्रपने (गोष्ठे) मन या शरीर

English

The bands of pillars and of stays, the ties of beams that form the roof. All-wealthy House! each knot and band, each cord that is attached to thee

अध्याय 9

श्लोक 3.24

मा नः॒ पाशं॒ प्रति॑ मुचो गु॒रुर्भा॒रो ल॒घुर्भ॑व ।व॒धूमि॑व त्वा शाले यत्र॒कामं॑ भरामसि

mā naḥ pāśaṃ prati muco gururbhāro laghurbhava | vadhūmiva tvā śāle yatrakāmaṃ bharāmasi

हिन्दी अर्थ

वरीया श्रेष्ठ मरौर विस्तृत उदार विना. किसी प्रतिफल के .मगि, ब्रह्म दन करा देने मे, दाता निज.मन की उदारता प्रकट करताहै, रौर. है, तभी इन्द्रि-विषयों को गोचर कहते हैँ । गोचरजिन में इन्द्रियां ५।५) । वेदवागी ग्रघ्न्या है, कभी इस का हनन नहीं होता, यहं नित्या, है ।. दाता के मन से वेदवाणियों की पृष्टि.सदां होती रहती है । यथा . “यस्मि ,

English

I with my spell untie, as erst Brihaspati disclosed the cave. He drew them close, he pressed them fast, he made thy knotted. bands secure:

अध्याय 9

श्लोक 3.25

प्राच्या॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

prācyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

दाता-परमयोगी के मन मे, परमेदवर की स्तुति करनेके लिये, वेदवाणी सदा जागत रहती है, वह निशि-दिन परमेश्वर की स्तुति करता रहता है । कां € सु० ४ ग्रथवैवेद-भाष्य ६१ तत् सवेमतु मन्यन्तां देवा चषभदायिने ॥२.०॥

English

With Indra’s help we loose them as a skilful Slaughterer severs joints. We loose the bands of thy bamboos, of bolts, of fastening, of thatch,

अध्याय 9

श्लोक 3.26

दक्षि॑णाया दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

dakṣiṇāyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

बलम्) शारीरिक. बल (म्रस्तु) हो ॥, (ऋषभदायिने) ऋषभ के. दाता के करा.देता है ।, एेसा योगी यदि गृहस्थी हौ तो उसके. गृहजीवन के लिये भ्रावश्यक साधनों कोः उपस्थितः करना, तथा यंदि वह रु्ण.हो तो उसके धिकारियोँ-का कत्तव्य है, जोकि राज्याधिकारी देवहौं, देव कोटि के व्यवित हों । किस - स्थान मे. एेसा कौन. सा योगी. रहता: है.इस की. सूचना तो स्थानीय विशिष्टजन हीदे सकतेहैँ। वे ही सहायतां. यथोचित,

English

We loose the ties of thy side-posts, O House that holdest all we prize. We loosen here the ties and bands of straw in bundles, and of clamps,

अध्याय 9

श्लोक 3.27

प्र॒तीच्या॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

pratīcyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

परमयोगियो की सहायता की जानी चाहि्यि,यह् उपदेश सन्तर का है । दुसंरीः तो राष्ट की वास्तविक समृत्नति हो सकंती है) करे (श्रयम्) यह परमेश्वर जो कि (परः दिवः). यलोक से भीप्रेहै. वह

English

Of all that compasses and binds the Lady Genius of the Home. We loose the loops which men have bound within thee, loops to tie and hold.

अध्याय 9

श्लोक 3.28

उदी॑च्या दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

udīcyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

(वशं दुहाम्) यथेच्छ दुही जा सकने वाली, .(विपरिचतम्) मे्घावियों का चैयन करने वाली (धेनुम्). वेदवाणीरूपी धेनु (दधातु) प्रदान करे । है, “श्राणिगौः'” सदी द्व नहीं पिला सकती । धेनु, नित्यवत्सा है 1 वेदधेनु सदा दग्ध पिलाती है । यह् सुदुघा है ्रासानीं से दुही जा सकती है, केवल

English

Be gracious, when erected, to our bodies, Lady of the Home. Store-house of Soma, Agni’s hall, the ladies’ bower, the resi- dence,

अध्याय 9

श्लोक 3.29

ध्रु॒वाया॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

dhruvāyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

विपरििवत् है, मेधावियों का चयनं करने वाली है । व्यक्तिं जंसे-जेसे इसका स्वाध्याय श्नौर मनन करेगे, वैसे वैसेः मेधावियों. का चथन होता जायगा, दवररूपी “ऋषमः' यलोक से -भी परे विद्यमानैः चकि वहु विभुहै,

English

The seat of Gods art thou, O Goddess House. We with our incantation loose the net that hath a thousand. eyes.

अध्याय 9

श्लोक 3.30

ऊ॒र्ध्वाया॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

ūrdhvāyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

(इहं उपवचेनं) इस संसौर मे समीषता भै सम्पके वाले ! (न अस्मिन् (कतरि) । गोष्ठे =मनमे या शरीर में (मन्त्र १७) । गावः इद्ियाणि परमेरवर सवेव्यापक होने से सबके समीप है । उपासको की भावना यह् है कि सवेव्यापक होने पर भी हमारी उपासनाश्रों तथा जीवनो मे उस को सत्ता श्रनुभूत नहीं हो रही । इस लिये वे प्रार्थना करते हैँ कि तेरी शिति

English

The man who takes thee as his own, and he who was thy builder,. House!

अध्याय 9

श्लोक 3.31

दि॒शोदि॑शः॒ शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

diśodiśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

एतं वो युवान परति दध्मो अनर तेन् करीडन्तीहचरत् वशो अनं । के.साथ (चरत) तुम विचरो । (जनुषा) नव जीवन के कारण (सुभागाः) हमारे सत्संगों को प्राप्त करती रहो ।

English

Both these, O Lady of the Home, shall live to long-extended’ years. There let her come to meet this man. Firm, strongly fastened,. and prepared

स्रोत: bhavykhatri/DharmicData · प्राप्त 3/6/2026

शास्त्रीय प्रामाणिकता एवं पारदर्शकताSources & Interpretation

स्रोत, संस्करण एवं व्याख्या वर्गीकरण

धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।

सामग्री वर्गीकरण संकेत (Epistemic Content Labels)

6 स्तरिय प्रमाण व्यवस्था
मूल पाठOriginal text

अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)

मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।

शाब्दिक अनुवादLiteral translation

पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)

व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।

पारंपरिक भाष्यTraditional commentary

आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)

प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।

सरल व्याख्याSimple explanation

भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)

आधुनिक जिज्ञासुओं के लिए सरल भाषा में भावार्थ। यह मूल मंत्र नहीं, बल्कि पाठ को सुगम बनाने हेतु संपादकीय व्याख्या है।

आधुनिक चिंतनModern reflection

समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)

दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शोध टिप्पणीResearch note

पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)

पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।